
मुंगेर: बिहार के मुंगेर स्थित श्रीकृष्ण सेतु पर शनिवार देर रात लगा भीषण ट्रैफिक जाम रविवार दोपहर तक जारी रहा। करीब 15 घंटे तक चले इस महाजाम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-333बी समेत आसपास के प्रमुख मार्गों की रफ्तार पूरी तरह रोक दी। जाम का असर बेगूसराय टोल प्लाजा से घोरघट तक लगभग 35 किलोमीटर के दायरे में देखने को मिला, जहां हजारों वाहन घंटों तक फंसे रहे।
जाम में ट्रक, बस, निजी कारें, छोटे व्यावसायिक वाहन और यहां तक कि एंबुलेंस भी फंस गईं। रातभर से दोपहर तक वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थमी रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गर्मी, भूख और प्यास ने बढ़ाई मुश्किलें
रविवार सुबह धूप तेज होने के साथ जाम में फंसे लोगों की परेशानी और बढ़ गई। कई यात्रियों के पास पीने का पानी और खाने-पीने की व्यवस्था खत्म हो गई। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कत झेलनी पड़ी।
स्थिति ऐसी हो गई कि कई लोगों ने अपने वाहन सड़क किनारे छोड़ दिए और 4 से 5 किलोमीटर पैदल चलकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
तेलिया तालाब के पास सिंगल लेन बनी वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार, तेलिया तालाब के पास सड़क का संकरा हिस्सा महाजाम की मुख्य वजह बना। यहां सड़क एक लेन में सिमट जाने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। भारी वाहनों का दबाव और कमजोर ट्रैफिक प्रबंधन स्थिति को और गंभीर बना गया।
एनएचएआई और प्रशासन पर उठे सवाल
महाजाम के बाद स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
लोगों का कहना है कि इस संवेदनशील मार्ग पर नियमित ट्रैफिक निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल और प्रभावी यातायात प्रबंधन नहीं होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती है। उनका आरोप है कि संकट के दौरान जिम्मेदार अधिकारी भी मौके पर सक्रिय नहीं दिखे।
पुलिस की कोशिशों से दोपहर में खुला जाम
लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए रविवार सुबह मुफस्सिल थाना पुलिस ने मोर्चा संभाला। पुलिसकर्मियों ने कई घंटों तक ट्रैफिक को नियंत्रित करने का प्रयास किया, जिसके बाद दोपहर करीब 1 बजे धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।
जाम हटने के बाद घंटों से फंसे यात्रियों ने राहत की सांस ली।
स्थायी समाधान की मांग
बार-बार लगने वाले जाम से परेशान स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि:
- तेलिया तालाब के पास सड़क का चौड़ीकरण किया जाए।
- ट्रैफिक पुलिस की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित हो।
- पूरे मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की जाए।
- भारी वाहनों की आवाजाही के लिए प्रभावी ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाए।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत नहीं किया गया, तो भविष्य में भी श्रीकृष्ण सेतु और राष्ट्रीय राजमार्ग-333बी पर इसी तरह के महाजाम की पुनरावृत्ति होती रहेगी।


