
पटना, 28 जुलाई 2025: पर्यटन मंत्रालय द्वारा बिहार में पर्यटन स्थलों के विकास के लिए ‘स्वदेश दर्शन’, ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ और ‘चैलेंज आधारित डेस्टिनेशन डेवलपमेंट (CBDD)’ योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता दी जा रही है। यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी।
पर्यटन मंत्रालय राज्य सरकारों की परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान करता है, बशर्ते राज्य सरकार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) प्रस्तुत करे और योजना दिशानिर्देशों का पालन हो। साथ ही, भारत सरकार की ‘पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता (SASCI)’ योजना के तहत भी राज्यों को पर्यटन परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहयोग प्रदान किया गया है।
बिहार में स्वीकृत प्रमुख परियोजनाएँ (राशि: करोड़ रुपये में):
| परियोजना | वर्ष | स्वीकृत राशि | जारी/प्राधिकृत राशि | उपयोग की गई राशि |
|---|---|---|---|---|
| तीर्थंकर सर्किट (वैशाली-पटना-राजगीर आदि) | 2016-17 | 33.96 | 30.04 | 29.36 |
| कांवड़िया मार्ग विकास (सुल्तानगंज-देवघर) | 2016-17 | 44.76 | 42.52 | 42.17 |
| बौद्ध सर्किट – बोधगया सम्मेलन केंद्र | 2016-17 | 95.18 | 95.18 | 95.18 |
| ग्रामीण सर्किट (भिठिहरवा-तुरकौलिया) | 2017-18 | 44.27 | 40.31 | 40.31 |
| मंदार हिल और अंग प्रदेश विकास | 2017-18 | 44.55 | 42.32 | 42.32 |
स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत नई परियोजना:
| गंतव्य | अनुभव केंद्र का नाम | स्वीकृत राशि | प्राधिकृत राशि |
|---|---|---|---|
| बोधगया | बौद्ध मेडिटेशन व अनुभव केंद्र | 165.44 | 16.54 |
CBDD योजना के अंतर्गत:
2024-25 में सारण जिले के सोनपुर मेला मैदान में पर्यटक सुविधाओं के विकास हेतु 24.29 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत हुई, जिसमें से 2.43 करोड़ की राशि प्राधिकृत की गई।
परियोजनाओं में डिजिटल डिस्प्ले, ऑनलाइन टिकटिंग हेतु वेबसाइट, और एआर/वीआर तकनीक जैसी आधुनिक सुविधाओं को भी शामिल किया जा रहा है।
पर्यटन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल उसकी किसी भी योजना को अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा वित्तपोषण नहीं किया जा रहा है।


