सर्वपितृ अमावस्या पर विशेष तिथि
आज भाद्रपद मास की अमावस्या तिथि है, जिसे सर्वपितृ अमावस्या के रूप में जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन पूर्वजों के लिए तर्पण और श्राद्ध करने से पितरों को शांति मिलती है।
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय : प्रातः 5 बजकर 50 मिनट
- सूर्यास्त : सायं 5 बजकर 46 मिनट
आज के प्रमुख योग
- नक्षत्र : पूर्वा फाल्गुनी
- योग : शुभ योग (अमल और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग)
- करण : चतुष्पद और नागा
राहुकाल और अशुभ समय
- राहुकाल : अपराह्न 4:17 से सूर्यास्त तक
- यमगंड : सुबह 10:47 से 12:17 तक
- गुलिक काल : दोपहर 1:47 से 3:17 तक
- अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:24 से 12:12 तक
विशेष महत्व
आज का दिन पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा व्यक्त करने का है। मान्यता है कि इस दिन जल और तिल अर्पण करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है। कई जगहों पर गंगा और अन्य पवित्र नदियों के तट पर स्नान और पिंडदान की परंपरा है।


