आज देशभर में भगवान विश्वकर्मा की जयंती श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जा रही है। भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का प्रथम शिल्पकार और तकनीक व औजारों का देवता माना जाता है। इस मौके पर फैक्ट्रियों, कार्यशालाओं, दुकानों और घरों में मशीनों व औजारों की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है।
सुबह से ही मंदिरों और औद्योगिक क्षेत्रों में पूजा-पाठ का दौर जारी है। मजदूरों, इंजीनियरों और कारीगरों ने अपने-अपने उपकरणों को साफ कर फूलों और रंगों से सजाया और भगवान विश्वकर्मा से सफलता की कामना की। कई जगहों पर भंडारे और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया है।
इस दिन को शुभ मानते हुए बड़ी संख्या में लोग नए वाहन और मशीनों की खरीदारी कर रहे हैं। ऑटोमोबाइल शोरूम और मार्केट में रौनक बढ़ गई है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विश्वकर्मा पूजा मेहनतकश लोगों के परिश्रम और उनके साधनों के महत्व को सम्मान देने का दिन है। यह पर्व हमें यह संदेश देता है कि साधनों का आदर कर और समर्पण के साथ कार्य कर ही जीवन को सुखमय और समृद्ध बनाया जा सकता है।


