तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी बंशीधर ब्रजवासी ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि उनकी गाड़ी को एक ट्रक ने टक्कर मार दी। हालांकि, घटना के समय एमएलसी स्वयं वाहन में मौजूद नहीं थे, जिस कारण उनकी जान बच गई।
घटना के समय कार में मौजूद नहीं थे एमएलसी

एमएलसी बंशीधर ब्रजवासी के अनुसार, पटना जंक्शन पर उन्हें ट्रेन में बैठाने के बाद उनके अंगरक्षक और चालक उनकी गाड़ी से मुजफ्फरपुर लौट रहे थे। इसी दौरान सारण जिले के दीघा–पहलेजा चेक पोस्ट के पास एक ट्रक ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी।
एमएलसी ने आशंका जताई कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या की नीयत से की गई साजिश हो सकती है। उन्होंने बताया कि वे अपनी पत्नी के इलाज के लिए दिल्ली जा रहे थे और ट्रेन में होने के कारण इस हादसे से बच गए।
ट्रक परिचालन पर उठाए सवाल
एमएलसी ने इस मामले की जानकारी सारण के पुलिस अधीक्षक को दी है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद चिंताजनक है, क्योंकि दीघा पुल पर ट्रकों के परिचालन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद वहां ट्रक का चलना कई सवाल खड़े करता है।
उन्होंने बताया कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का एयरबैग खुल गया। एयरबैग खुलने के कारण वाहन में मौजूद लोगों की जान बच सकी।
एक के बाद एक कई वाहनों की टक्कर
यह घटना शुक्रवार की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, एमएलसी की गाड़ी एक ट्रक के पीछे चल रही थी। अचानक आगे चल रहे ट्रक ने ब्रेक लगा दिया, जिससे पीछे चल रही कार को भी रुकना पड़ा। इसी दौरान पीछे से आ रहे दूसरे ट्रक ने एमएलसी की गाड़ी में जोरदार टक्कर मार दी। इसके कारण पीछे चल रही कई अन्य गाड़ियां भी आपस में टकरा गईं।
हाल ही में बने हैं एमएलसी
बंशीधर ब्रजवासी दिसंबर 2024 में तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुने गए थे। इससे पहले वे शिक्षक थे और वर्ष 2005 में उन्होंने शिक्षक की नौकरी ज्वाइन की थी।
शिक्षक आंदोलन के बाद गई थी नौकरी
साथी शिक्षकों के हित में आवाज उठाने और सरकार के फैसलों का विरोध करने के आरोप में उन्हें तत्कालीन अपर मुख्य सचिव केके पाठक द्वारा सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। नौकरी जाने के बाद शिक्षक संगठनों ने उन्हें तिरहुत स्नातक सीट से एमएलसी उम्मीदवार बनाया।
भारी मतों से दर्ज की थी जीत
5 दिसंबर 2024 को हुए मतदान के बाद 10 दिसंबर को परिणाम घोषित हुआ था। इस चुनाव में बंशीधर ब्रजवासी ने जदयू, राजद और जनसुराज के उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की थी। उपचुनाव में कुल 17 उम्मीदवार मैदान में थे। यह सीट लोकसभा चुनाव 2024 में देवेशचंद्र ठाकुर के जीतने के बाद खाली हुई थी।


