
होलिका दहन की रौनक इस बार मुजफ्फरपुर जिले के करजा थाना क्षेत्र के झखड़ा गांव में डर और बेचैनी में बदल गई। वार्ड संख्या 7 के इस गांव से तीन नाबालिग रहस्यमयी तरीके से लापता हो गए। घरों में जहाँ ढोल-नगाड़ों की आवाज़ गूंजनी थी, वहां अब सन्नाटा और आंसुओं का सैलाब है।
कौन हैं लापता बच्चे
गांव निवासी प्रमोद साह ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनके बेटे गोलू कुमार, साथ में मंजीत कुमार और आदित्य कुमार होलिका दहन देखने के लिए घर से निकले थे। रात ढल गई और चिराग बुझ गए, लेकिन तीनों का कोई सुराग नहीं मिला।
परिजनों की खोजबीन और बढ़ती चिंता
परिजनों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों और दोस्तों की मदद से आसपास के इलाकों में खोजबीन की, लेकिन हर कोशिश नाकाम रही। बच्चों के मोबाइल बंद होने से चिंता और गहरी हो गई।
गांव में अफवाहों का सैलाब
गांव में तरह-तरह की चर्चाएं फैल गई हैं। कुछ लोग अपहरण की आशंका जता रहे हैं, तो कुछ किसी गैंग की हरकत मान रहे हैं।
पुलिस की जांच
करजा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी एंगल से जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं और मुखबिरों को भी अलर्ट किया गया है।
परिजनों की आस
त्योहार की रंगीन रात अब गांव में स्याह हो चुकी है। परिजनों की निगाहें दरवाज़े पर टिकी हैं, बस यह उम्मीद लेकर कि तीनों मासूम सकुशल लौट आएं। गांव में मातम जैसा माहौल है और हर जुबान पर एक ही दुआ है—“हे भगवान, बच्चों को सुरक्षित घर वापस लाया जाए।”


