पूर्वी चंपारण, 19 जुलाई 2025।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूर्वी चंपारण जिले में आयोजित चुनावी रैली के दौरान शुक्रवार को तीन युवकों द्वारा काले झंडे लहराए जाने की घटना सामने आई है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों को हिरासत में ले लिया। घटना के बाद रैली स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय ने बताया कि रैली स्थल के पास तीन लोग काले कपड़े के टुकड़े लेकर पहुंचे थे, जिन्हें तुरंत मौके पर ही पकड़ लिया गया। डीआईजी ने कहा, “हम यह जांच कर रहे हैं कि उन्होंने किस प्रकार का व्यवधान पैदा किया। पूछताछ के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात ने प्रारंभिक जांच के आधार पर कहा कि इन लोगों का इरादा क्षेत्र की बंद चीनी मिलों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का था। पुलिस के अनुसार, यह कोई संगठित राजनीतिक विरोध नहीं था, लेकिन वास्तविक उद्देश्य की पुष्टि पूछताछ के बाद ही हो पाएगी।
कुर्सियों के टूटने का वीडियो वायरल, विपक्ष ने साधा निशाना
टाउन थाना प्रभारी राजीव रंजन ने बताया कि हिरासत में लिए गए युवकों के नाम जितेंद्र तिवारी, विक्रांत गौतम और रविकांत रवि हैं, जो जिले के विभिन्न इलाकों के निवासी हैं।
घटना से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें इन तीनों युवकों को काले झंडे लहराते और हंगामा करते हुए दिखाया गया है। कुछ वीडियो में प्लास्टिक की टूटी हुई कुर्सियां भी नजर आ रही हैं, हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राजद और कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से वीडियो साझा करते हुए लिखा कि “बिहार की जनता अब प्रधानमंत्री के झूठे वादों से परेशान हो चुकी है।”
राजनीतिक संदेश या स्थानीय आक्रोश?
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह विरोध राजनीतिक प्रेरित था या आम जनता की नाराजगी। लेकिन यह घटना इस बात का संकेत जरूर है कि पूर्वी चंपारण जैसे क्षेत्र में भी विकास और रोजगार जैसे मुद्दों पर नाराजगी का स्वर मुखर हो रहा है।


