
पटना, 19 जुलाई 2025।पारस एचएमआरआई अस्पताल, पटना में गैंगस्टर चंदन मिश्रा की दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में बिहार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बिहार एसटीएफ और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल से इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
हालांकि देर रात तक पुलिस ने इन गिरफ्तार आरोपियों के नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी। सूत्रों के अनुसार, इन आरोपियों से पश्चिम बंगाल में पूछताछ की जा रही है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें पटना लाया जाएगा।
गिरोह से जुड़े और अपराधियों की तलाश जारी
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस वारदात में और भी अपराधी शामिल हैं। कुछ अन्य संदिग्धों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
इस मामले में तौसीफ रजा उर्फ बादशाह का नाम सबसे पहले सामने आया था। बाद में बक्सर पुलिस ने मोनू सिंह की संलिप्तता की पुष्टि की। इनके अलावा बलवंत, नीलेश, सूर्यभान, अभिषेक और निशु समेत दस आरोपियों के नामों की चर्चा है, लेकिन पुलिस ने अब तक स्पष्ट नहीं किया है कि इनमें से कौन गिरफ्तार हुआ है।
शव का अंतिम संस्कार नहीं, गंगा में किया गया विसर्जन
हत्या के बाद चंदन मिश्रा का शव गुरुवार देर रात पटना से उसके पैतृक गांव सोनबरसा (औद्योगिक थाना क्षेत्र) लाया गया। शुरुआत में शव का अंतिम संस्कार जिला मुख्यालय में करने की योजना थी, लेकिन स्थानीय प्रशासन के विरोध के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।
गुस्से और विरोध के माहौल में परिजन ने शव को ब्यास के डेरा गांव के पास गंगा नदी में विसर्जित कर दिया। इससे पहले, पिता मंटू मिश्रा ने शव को मुखाग्नि दी, पर परंपरागत रूप से दाह-संस्कार की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
पिता ने कहा, “भगवान न्याय करेगा। मेरा बेटा जितना दूर जाएगा, मैं अंदर से उतना ही मजबूत बनूंगा।”
गांव में घटना के बाद तनावपूर्ण माहौल बना रहा। चंदन के समर्थकों और परिजनों में आक्रोश है। पुलिस ने एहतियातन पूरे दिन सादे लिबास में बल की तैनाती कर रखी थी और हर गतिविधि पर नजर रखी गई।
चंदन मिश्रा कुख्यात गैंगस्टर था, जिसे कुछ समय पहले पैरोल पर छोड़ा गया था। गुरुवार को पटना के पारस एचएमआरआई अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में घुसकर अज्ञात हमलावरों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात ने पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


