भागलपुर: शिक्षा और मेधा के शहर भागलपुर ने एक बार फिर अपना लोहा मनवाया है। ‘द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया’ (ICAI) द्वारा आयोजित जनवरी सत्र की सीए फाइनल परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें शहर के तीन होनहारों ने शानदार सफलता हासिल की है। सांझी कोटरीवाल, अमृता अग्रवाल और मानस शर्मा ने कठिन मानी जाने वाली इस परीक्षा को अच्छे अंकों से पास कर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है।
शानदार प्रदर्शन: एक नज़र में
|
नाम |
पता/मोहल्ला |
प्राप्त अंक (600 में) |
विशेष उपलब्धि |
|---|---|---|---|
|
सांझी कोटरीवाल |
बूढ़ानाथ |
373 |
बिना कोचिंग, सेल्फ स्टडी से मिली जीत |
|
मानस शर्मा |
खलीफाबाग |
344 |
निरंतरता और कड़ी मेहनत का परिणाम |
|
अमृता अग्रवाल |
बूढ़ानाथ रोड |
341 |
पहले प्रयास में मिली बड़ी सफलता |
सेल्फ स्टडी की मिसाल बनीं सांझी
बूढ़ानाथ निवासी सुभाष कोटरीवाल और सपना कोटरीवाल की पुत्री सांझी कोटरीवाल ने साबित कर दिया कि अगर इरादे मज़बूत हों, तो बिना किसी भारी-भरकम कोचिंग के भी सफलता पाई जा सकती है।
- शिक्षा: सांझी ने अपनी 10वीं तक की पढ़ाई माउंट असीसी स्कूल और 12वीं सेंट जोसेफ स्कूल से पूरी की है।
- स्कोर: उन्होंने 600 में से 373 अंक हासिल कर शहर में टॉप स्कोरर में जगह बनाई है।
अमृता और मानस की चमक
खलीफाबाग के रहने वाले मानस शर्मा ने 344 अंक प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया, वहीं बूढ़ानाथ रोड निवासी राजेश और रिंकू अग्रवाल की पुत्री अमृता अग्रवाल ने 341 अंकों के साथ सीए की उपाधि हासिल की। अमृता की इस उपलब्धि पर उनके परिजनों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।
वरिष्ठ सीए ने दी बधाई
सफलता की इस लहर के बीच शहर के वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए प्रदीप कुमार झुनझुनवाला ने सभी सफल छात्रों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भागलपुर के छात्रों में प्रतिभा की कमी नहीं है और यह परिणाम अन्य कॉमर्स छात्रों के लिए प्रेरणा का काम करेगा।
त्वरित अवलोकन (Quick Facts)
- परीक्षा: सीए फाइनल (जनवरी 2026 सत्र)।
- आयोजक: ICAI।
- सफल छात्र: सांझी कोटरीवाल, अमृता अग्रवाल, मानस शर्मा।
- प्रमुख स्कोर: 373 (सांझी), 344 (मानस), 341 (अमृता)।
- बधाईकर्ता: सीए प्रदीप कुमार झुनझुनवाला।
VOB का नजरिया: कॉमर्स का ‘हब’ बनता भागलपुर!
सीए फाइनल परीक्षा पास करना कोई मामूली बात नहीं है, और एक साथ तीन छात्रों का बेहतर अंकों से पास होना यह दर्शाता है कि भागलपुर के युवाओं में प्रोफेशनल कोर्सेज को लेकर गंभीरता बढ़ी है। विशेष रूप से सांझी की ‘सेल्फ स्टडी’ वाली कहानी उन छात्रों के लिए मिसाल है जो संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इन तीनों ‘नए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स’ के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।


