
पटना: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने राजधानी पटना स्थित अपने सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड को खाली करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद उन्होंने भवन निर्माण विभाग को पत्र लिखकर 5 जुलाई तक का समय देने का अनुरोध किया है।
जानकारी के अनुसार, 10 सर्कुलर रोड स्थित यह सरकारी आवास लंबे समय से राबड़ी देवी के नाम आवंटित था। सरकार द्वारा आवास खाली करने का निर्देश दिए जाने के बाद इसे खाली करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। सोमवार को आवास खाली करने की अंतिम तिथि थी, लेकिन अब उन्होंने कुछ और दिनों की मोहलत मांगी है।
भवन निर्माण विभाग को भेजा पत्र
राबड़ी देवी की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आवास खाली करने की प्रक्रिया जारी है और घरेलू सामान हटाने सहित अन्य आवश्यक कार्यों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत है। इसी कारण 5 जुलाई तक की मोहलत देने का अनुरोध किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, आवास से घरेलू सामान को चरणबद्ध तरीके से बाहर निकाला जा रहा है और परिवार द्वारा व्यवस्थित ढंग से शिफ्टिंग का कार्य किया जा रहा है।
पहले से चल रही थी तैयारी
सरकारी आवास खाली करने को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक हलचल भी तेज रही। आवास से सामान बाहर ले जाने की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई।
सोमवार को लालू प्रसाद यादव भी 10 सर्कुलर रोड पहुंचे। इस दौरान ट्रक और पिकअप वाहनों के जरिए आवास से सामान बाहर ले जाया जाता देखा गया।
जेडीयू और राजद की प्रतिक्रिया
सत्तारूढ़ जेडीयू ने कहा कि सरकारी आवास किसी की निजी संपत्ति नहीं होता और जिसे आवास खाली करने का निर्देश दिया गया है, उसे नियमानुसार समय पर खाली करना चाहिए।
वहीं राजद का कहना है कि आवास खाली करने की प्रक्रिया नियमों के तहत चल रही है और इसमें किसी प्रकार का विवाद या अनावश्यक देरी नहीं है।
राजनीतिक दृष्टि से अहम रहा 10 सर्कुलर रोड
पटना का 10 सर्कुलर रोड आवास बिहार की राजनीति का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता रहा है। मुख्यमंत्री रहने के दौरान राबड़ी देवी लंबे समय तक इसी आवास में रहीं और पिछले कई वर्षों से यह राष्ट्रीय जनता दल की राजनीतिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र रहा है।
अब भवन निर्माण विभाग के निर्णय का इंतजार है। यदि विभाग अनुमति देता है तो राबड़ी देवी को 5 जुलाई तक आवास खाली करने का समय मिल सकता है। फिलहाल आवास खाली करने की प्रक्रिया जारी है और इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं।


