
छपरा | बिहार के जयप्रकाश विश्वविद्यालय (JPU), छपरा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्नातक तृतीय सेमेस्टर (सत्र 2024-28) की परीक्षा शुरू होने से पहले ही छात्रों के डिजिलॉकर पर रिजल्ट और अंकपत्र दिखाई देने लगे, जिससे विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना सामने आने के बाद छात्रों में नाराजगी है, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे तकनीकी त्रुटि बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
परीक्षा से पहले डिजिलॉकर पर दिखा अंकपत्र

जानकारी के अनुसार, गंगा सिंह कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग के छात्र तृतीय सेमेस्टर परीक्षा का ऑनलाइन फॉर्म भर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अपनी APAR ID दर्ज की।
जैसे ही डिजिलॉकर खुला, वहां थर्ड सेमेस्टर का अंकपत्र दिखाई देने लगा, जबकि परीक्षा की प्रक्रिया अभी शुरू भी नहीं हुई है और फिलहाल केवल परीक्षा फॉर्म भरे जा रहे हैं।
विश्वविद्यालय पहुंचे छात्र, मचा हड़कंप
अंकपत्र देखने के बाद छात्र सीधे विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग पहुंचे और अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी।
देखते ही देखते यह खबर अन्य छात्रों तक पहुंच गई। इसके बाद कई छात्रों ने भी अपना डिजिलॉकर चेक किया, जिससे पूरे परिसर में चर्चा का माहौल बन गया।
छात्रों ने उठाए गंभीर सवाल
घटना के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
छात्रों का कहना है कि पिछले कुछ समय से—
- परीक्षा कार्यक्रम में लगातार बदलाव,
- परिणामों को लेकर भ्रम,
- प्रशासनिक लापरवाही,
- और तकनीकी अव्यवस्था
जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं।
छात्रों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
शोध छात्र संगठन ने मांगी उच्चस्तरीय जांच
शोध छात्र संगठन के नेता गुलशन यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से छात्रों का विश्वास प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
“यह विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। जो भी पदाधिकारी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”
— गुलशन यादव, नेता, शोध छात्र संगठन
परीक्षा नियंत्रक ने क्या कहा?
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशोक कुमार मिश्रा ने कहा कि शिकायत मिलते ही जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि संबंधित छात्र से जानकारी लेने के बाद डिजिलॉकर पर गलत तरीके से प्रदर्शित अंकपत्र को हटाने तथा तकनीकी सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
उनके अनुसार यह पूरी घटना तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुई है।
“टेक्निकल गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ है। डिजिलॉकर से अंकपत्र हटाने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही इस समस्या का पूरी तरह समाधान कर लिया जाएगा।”
— **डॉ. अशोक कुमार मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक, जेपीयू


