
पटना | नेपाल के जलग्रहण और तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब उत्तर बिहार में साफ दिखाई देने लगा है। गंडक, बागमती और दुधौरा समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। वाल्मीकिनगर गंडक बराज से रिकॉर्ड मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद बगहा, सीतामढ़ी, शिवहर और पूर्वी चंपारण के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई गांवों में पानी घुस चुका है, जबकि प्रशासन ने राहत एवं बचाव एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा है।
गंडक बराज से रिकॉर्ड पानी छोड़ा गया
वाल्मीकिनगर गंडक बराज से मंगलवार रात 2.32 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद बगहा अनुमंडल के पिपरासी और मधुबनी प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल गया।
सबसे अधिक प्रभावित सिसई और चिउरही पंचायत हैं, जहां 300 से अधिक घर जलमग्न हो गए हैं। लोगों के घरों में पानी घुसने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
गांव छोड़ने को मजबूर हुए लोग
बुधवार सुबह से पानी का स्तर तेजी से बढ़ने के बाद कई परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए। प्रभावित लोग धनहा-रतवल मुख्य सड़क और स्थानीय विद्यालयों में शरण लेने को मजबूर हैं।
दियारा क्षेत्र पूरी तरह पानी से घिर गया है, जिससे आवागमन बाधित हो गया है। कई परिवारों को अपना सामान और खाद्यान्न तक सुरक्षित निकालने का मौका नहीं मिल सका।
राहत में देरी का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाढ़ की सूचना के बावजूद प्रशासन समय पर प्रभावित गांवों तक नहीं पहुंचा और राहत कार्य में देरी हुई।
हालांकि मधुबनी प्रखंड के अंचलाधिकारी नंदलाल राम ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में कर्मियों को भेज दिया गया है और राहत कार्य शुरू कर दिया गया है।
सीतामढ़ी में बागमती खतरे के निशान से ऊपर
नेपाल में लगातार बारिश के कारण बागमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई स्थानों पर नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे सीतामढ़ी और शिवहर के तटवर्ती गांवों में चिंता बढ़ गई है।
जिलाधिकारी रिची पांडे के निर्देश पर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। जल संसाधन विभाग को तटबंधों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन लगातार संवेदनशील इलाकों में माइकिंग कर लोगों को सतर्क कर रहा है।
लोगों से अपील की गई है कि—
- नदी किनारे न जाएं।
- बच्चों को नदियों और तटबंधों से दूर रखें।
- अफवाहों पर ध्यान न दें।
- प्रशासन के निर्देश मिलने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
मोतिहारी में दुधौरा नदी उफान पर
पूर्वी चंपारण जिले के बंजरिया प्रखंड में दुधौरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
घोड़मरवा, हड़वा टोला और बढ़ईया टोला समेत कई गांवों की कृषि भूमि में पानी फैलने लगा है। धान सहित खरीफ फसलों पर संकट गहरा गया है।
ग्रामीण मवेशियों और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बंजरिया के अंचलाधिकारी कृष्णा प्रताप सिंह ने बताया कि सिकरहना, तिलावे, बंगरी और दुधौरा नदियों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
उधर, पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने चंपारण तटबंध के संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कटाव की स्थिति बनने पर बचाव सामग्री, मशीनरी और मानव संसाधन पहले से तैयार रखें।
राहत और बचाव की पूरी तैयारी
आपदा प्रबंधन विभाग ने संभावित बाढ़ को देखते हुए राहत सामग्री, नाव, बचाव दल और अन्य संसाधनों की व्यवस्था कर ली है।
प्रशासन का कहना है कि नेपाल में लगातार बारिश के कारण स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तरह तैयार हैं।


