“तब अफसरों-मंत्रियों के बच्चे खुद कराएंगे एडमिशन…”: CM सम्राट चौधरी का बड़ा विजन, सरकारी स्कूलों को बनाने की तैयारी ‘पहली पसंद’

पटना। बिहार विधानसभा में विश्वास मत के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का स्पष्ट रोडमैप पेश करते हुए शिक्षा, प्रशासन और कानून-व्यवस्था पर बड़े ऐलान किए। अपने भाषण में उन्होंने जहां विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया, वहीं भविष्य की योजनाओं का भी संकेत दिया। सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस बयान की हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे सरकारी स्कूल बनाएगी कि “अफसरों और मंत्रियों के बच्चे खुद वहां एडमिशन कराना चाहेंगे।”

यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की महत्वाकांक्षी सोच को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार किसी पर दबाव डालकर सरकारी स्कूलों में पढ़ने के लिए बाध्य नहीं करेगी, बल्कि गुणवत्ता इतनी बेहतर बनाएगी कि लोग खुद आकर्षित हों।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा विजन

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में पिछले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का काम हुआ है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए बताया कि लाखों शिक्षकों की नियुक्ति की गई, स्कूलों की संख्या बढ़ाई गई और बच्चों के नामांकन में भी वृद्धि हुई।

लेकिन अब सरकार का अगला लक्ष्य गुणवत्ता पर फोकस करना है। उन्होंने कहा कि सिर्फ स्कूलों की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां पढ़ाई का स्तर भी बेहतर होना चाहिए। “हम ऐसी व्यवस्था बनाएंगे कि सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूलों के बराबर खड़े हों,” उन्होंने कहा।

उनके अनुसार, जब सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधरेगा, सुविधाएं बेहतर होंगी और शिक्षकों की जवाबदेही तय होगी, तब समाज के हर वर्ग का भरोसा इन स्कूलों पर बढ़ेगा।

CMO से होगी सीधे निगरानी

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सुधार को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब प्रखंड, अंचल और थाना स्तर तक की गतिविधियों की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से की जाएगी।

इस फैसले का उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाना और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे आम जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से होगा और अधिकारियों की कार्यशैली में भी सुधार आएगा।

महिलाओं की सुरक्षा पर सख्त संदेश

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जाएगी।

उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अपराधी कहीं भी छिपे हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। यह बयान सरकार के कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख को दर्शाता है।

सड़क हादसों पर राहत का बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए राहत का बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब ऐसे मामलों में 8 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

इसमें 4 लाख रुपये बीमा कंपनी द्वारा और 4 लाख रुपये राज्य सरकार द्वारा दिए जाएंगे। यह निर्णय उन परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जो अचानक हादसों में अपने परिजनों को खो देते हैं।

सम्राट चौधरी का यह बयान कि “अफसरों के बच्चे खुद सरकारी स्कूलों में एडमिशन कराएंगे” एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है। अगर सरकार अपने इस लक्ष्य को हासिल कर लेती है, तो यह बिहार की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है। अब देखना होगा कि यह विजन जमीन पर कितना उतर पाता है।

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