केंद्रीय बजट 2026 से भागलपुर की सिल्क इंडस्ट्री को बूस्टर डोज-यार्न और कोकून बैंक खुलने की उम्मीद

बुनकरों को सस्ता कच्चा माल, बढ़ेगा रोजगार

तसर सिल्क को मिलेगा राष्ट्रीय पहचान का मौका

भागलपुर।केंद्रीय बजट 2026-27 ने भागलपुर की मशहूर सिल्क इंडस्ट्री के लिए नई उम्मीदें जगा दी हैं। खादी, सिल्क, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रावधानों को लेकर स्थानीय बुनकर और कारोबारी उत्साहित हैं। उनका मानना है कि इस बजट से न सिर्फ उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि हजारों परिवारों को स्थायी रोजगार भी मिलेगा।


बुनकरों की पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद

बजट के संक्षिप्त विवरण में संकेत दिए गए हैं कि भागलपुर में यार्न बैंक और कोकून बैंक खोले जा सकते हैं। यह बुनकरों की वर्षों पुरानी मांग रही है।
अभी बुनकरों को कच्चा माल महंगे दामों पर खरीदना पड़ता है और कई बार कालाबाजारी भी झेलनी पड़ती है। अगर यार्न और कोकून बैंक खुलते हैं, तो—

  • धागा और कोकून सस्ते दामों पर मिलेंगे
  • उत्पादन लागत घटेगी
  • ज्यादा ऑर्डर लेने की क्षमता बढ़ेगी
  • छोटे बुनकर भी बाजार में टिक पाएंगे

नेचुरल फाइबर को मिलेगा सरकारी समर्थन

बजट में नेचुरल फाइबर (सिल्क, जूट, कपास) से धागा तैयार करने में सरकार की मदद देने की घोषणा की गई है। इससे भागलपुर के तसर सिल्क उद्योग को सीधा फायदा होगा।

बिहार बुनकर कल्याण समिति के पूर्व सदस्य अलीम अंसारी कहते हैं—
“वित्त मंत्री ने साफ कहा है कि खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादकों की रॉ मटेरियल जरूरतें पूरी की जाएंगी। भागलपुर जैसी सिल्क सिटी के लिए यार्न और कोकून बैंक सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। इससे हर बुनकर को काम मिलेगा और कारोबार बढ़ेगा।”


डिजाइन और मार्केटिंग में भी मदद

बजट में यह भी कहा गया है कि—

  • खादी और सिल्क उत्पादों की मार्केटिंग में सहयोग
  • एक्सपोर्ट क्वालिटी डिजाइन डेवलपमेंट में सरकारी सहायता

दी जाएगी। इससे भागलपुर की सिल्क को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिल सकती है।


लूम संचालकों की उम्मीद

लूम संचालक संजय यादव कहते हैं—
“यार्न बैंक और कोकून बैंक मिल जाए तो भागलपुर का सिल्क कारोबार बूम कर जाएगा। अभी धागे की कीमतें अनियंत्रित हैं और कालाबाजारी होती है। बजट में टेक्सटाइल पार्क की भी बात है। अगर यह भागलपुर में बनता है तो बड़े शहरों के खरीदार सीधे यहां आएंगे।”

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी टेक्सटाइल पार्क के लिए जमीन की पहचान नहीं हो पाई है, जो एक बड़ी चुनौती है।


रोजगार और पहचान दोनों को मिलेगा बल

बुनकरों का मानना है कि अगर बजट की घोषणाएं जमीन पर उतरती हैं, तो—

  • हजारों नए रोजगार पैदा होंगे
  • युवा फिर से हथकरघा की ओर लौटेंगे
  • भागलपुर सिल्क को मिलेगा ग्लोबल प्लेटफॉर्म

कुल मिलाकर, बजट 2026 ने भागलपुर की सिल्क इंडस्ट्री को नई दिशा और नई रफ्तार देने का भरोसा दिया है।

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