शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण सहित विकास परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी संभव
पटना, 12 अगस्त – बिहार में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) निवेश को पारदर्शी, जवाबदेह और नतीजामुखी बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मंगलवार को मुख्य सचिवालय के सभा कक्ष में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के नव-विकसित सीएसआर पोर्टल का शुभारंभ किया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह पोर्टल सरकार, कॉरपोरेट जगत, गैर-सरकारी संगठनों और आम नागरिकों को एक मंच पर लाएगा, जहां सभी सीएसआर परियोजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि सीएसआर के तहत होने वाले विकास कार्य गांव और शहरों की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
भारतीय परंपरा से जुड़ा सेवा का भाव
सम्राट चौधरी ने कहा कि सीएसआर केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में अधिनियम के तहत कंपनियों के लिए सीएसआर अनिवार्य किया गया, लेकिन भारतीय परंपरा में व्यापारी और उद्योगपति धर्मशालाएं, स्कूल, अस्पताल और कुएं बनवाकर समाज सेवा करते रहे हैं।
उन्होंने इस पोर्टल को “गवर्नेंस इनोवेशन” बताते हुए कहा कि यह राज्य के विकास की नई दिशा तय करेगा और नीति, पूंजी और संवेदना को एक साथ लाकर बदलाव की गति कई गुना बढ़ा देगा।
पोर्टल की खासियतें
- सभी परियोजनाओं का लोकेशन-आधारित विवरण – किस इलाके में कौन सा प्रोजेक्ट चल रहा है, यह जनता देख सकेगी।
- निवेशक और राशि की पारदर्शी जानकारी – कौन कंपनी कितना निवेश कर रही है, सब खुले तौर पर उपलब्ध होगा।
- प्राथमिकता क्षेत्र – शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास।
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग – प्रगति का ट्रैकिंग और समस्याओं का त्वरित समाधान।
- कंपनियों के लिए आसान रिपोर्टिंग – जिससे डेटा नीति-निर्माण में सीधा इस्तेमाल हो सकेगा।
पारदर्शिता और साझेदारी का प्रतीक
सम्राट चौधरी ने कहा – “जब नीति, पूंजी और संवेदना एक साथ आती हैं, तब बदलाव की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। यह पोर्टल साझेदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक है, जो एक न्यायपूर्ण, समृद्ध और स्वावलंबी बिहार के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।”


