
बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद नई NDA सरकार की तस्वीर अब लगभग साफ दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री पद पर एक बार फिर नीतीश कुमार की वापसी तय मानी जा रही है, जबकि बीजेपी, लोजपा (रामविलास), हम और रालोमो—इन सभी सहयोगियों की भूमिका नई सरकार में महत्वपूर्ण होने वाली है। सूत्रों के अनुसार, इस बार सत्ता-साझेदारी का फॉर्मूला पहले से अलग और काफी व्यापक होने जा रहा है।
लोजपा (रामविलास) बनी NDA की बड़ी ताकत—19 सीटों के बाद तीन मंत्री पद की चर्चा
चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) ने इस चुनाव में इतिहास रचते हुए 19 सीटों पर जीत हासिल की। इस शानदार प्रदर्शन के बाद लोजपा, NDA गठबंधन में पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में पहुंच गई है।
सूत्र बताते हैं कि—
- लोजपा को तीन मंत्री पद मिल सकते हैं
- साथ ही एक डिप्टी सीएम पद की भी चर्चा ज़ोरों पर है
हालांकि चिराग पासवान स्वयं पहले से ही केंद्र में मंत्री हैं, लेकिन बिहार की राजनीति में उनकी बढ़ी ताकत उन्हें सरकार की संरचना में बड़ी भूमिका दिला सकती है। चुनाव के बाद वह पटना में लगातार सक्रिय हैं और पिछले दिनों उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात भी की थी।
हम और रालोमो को मिलेगा एक-एक मंत्री पद
NDA के दो अन्य सहयोगी दल—
- जीतनराम मांझी की ‘हम’ पार्टी, और
- उपेंद्र कुशवाहा की ‘रालोमो’
—को भी सरकार में हिस्सेदारी मिलने जा रही है।
हम पार्टी
इस बार हम पार्टी ने 5 सीटें जीती हैं। पार्टी दो मंत्री पद की मांग कर रही है, लेकिन फिलहाल NDA सिर्फ एक मंत्री पद देने पर सहमत है।
मंत्री पद के लिए सबसे मजबूत नाम—
- संतोष कुमार सुमन (मांझी के पुत्र), जो पहले भी मंत्री रह चुके हैं।
रालोमो
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोमो ने 4 सीटें जीतीं। यहां भी एक मंत्री पद तय माना जा रहा है।
सबसे मजबूत दावेदार—
- स्नेह लता देवी (उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी)
तीन डिप्टी सीएम बन सकते हैं—दो BJP से, एक LJP(R) से
नई सरकार का सबसे दिलचस्प पहलू है डिप्टी सीएम के तीन पदों की चर्चा। सूत्रों के अनुसार—
BJP के दो डिप्टी सीएम
- सम्राट चौधरी
- फिर से डिप्टी सीएम बनना लगभग तय
- चुनाव अभियान में बेहद सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका
- दूसरे डिप्टी सीएम का नाम बदल सकता है
- पहले विजय कुमार सिन्हा का नाम चल रहा था
- अब उनकी संभावनाएं कमजोर बताई जा रही हैं
LJP(R) से एक डिप्टी सीएम
लोजपा (रामविलास) की बढ़ी ताकत को देखते हुए यहां से एक डिप्टी सीएम बनाए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
यह पद गठबंधन संतुलन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्पीकर का पद BJP को मिलने की संभावना
विधानसभा अध्यक्ष का पद इस बार भी BJP को मिलने की पूरी संभावना है।
2020 में विजय सिन्हा स्पीकर थे, और इस बार भी NDA उन्हें या बीजेपी के किसी अन्य वरिष्ठ विधायक को यह जिम्मेदारी देने पर विचार कर रहा है।
यह निर्णय विधानसभा में बीजेपी की बड़ी संख्या और गठबंधन की शक्ति-संतुलन नीति को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
नीतीश कुमार की “स्थिरता चुनौती”
नई NDA सरकार गठबंधन की सबसे बड़ी परीक्षा होगी—
- अंदरूनी खींचतान
- कई दलों की मंत्री पद की मांगें
- क्षेत्रीय संतुलन
- सीट-आधारित दबाव राजनीति
इन सबके बीच नीतीश कुमार को एक स्थिर, मजबूत और प्रभावशाली सरकार देने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
चुनाव बाद की व्यस्त बैठकों और लगातार जारी चर्चाओं से साफ है कि बहुत जल्द नई सरकार का खाका तैयार हो जाएगा।


