भागलपुर, 17 जुलाई 2025: पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पटना गांधी मैदान में आयोजित सनातन महाकुंभ एक धार्मिक मंच था, न कि राजनीतिक। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में पक्ष-विपक्ष सभी को आमंत्रित किया गया था, लेकिन विपक्ष के नेता शामिल नहीं हुए, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
भागलपुर दौरे पर आए अश्विनी चौबे ने कहा,
“मैंने विपक्ष के नेता और उनके पूरे परिवार को आमंत्रण भेजा था, लेकिन वे नहीं आए। घर पर ताजिया बजाते रहे, पर गांधी मैदान के हिंदुत्व के मंच पर नहीं पहुंचे।”
“गांधी मैदान को शुद्ध किया” – वफ्फ बिल प्रदर्शन पर निशाना
चौबे ने कहा कि सनातन महाकुंभ से ठीक एक सप्ताह पहले गांधी मैदान में वफ्फ बिल के विरोध में प्रदर्शन हुआ था। उन्होंने उस प्रदर्शन पर भी तीखा प्रहार करते हुए कहा:
“उस प्रदर्शन में कई गौ हत्यारे भी मौजूद थे। इसलिए हमने गांधी मैदान में सनातन महाकुंभ का आयोजन कर उस पाप को धोने का कार्य किया। यह धार्मिक भूमि की पुनः शुद्धि का कार्य था।”
विपक्ष पर “राजनीतिक द्वेष” का आरोप
अश्विनी चौबे ने कहा कि जो लोग सनातन महाकुंभ को राजनीतिक मंच बता रहे हैं, वे केवल हिंदू आस्था के विरोध में खड़े होने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति और धर्म के प्रति विरोधी दलों की संकीर्ण सोच करार दिया।


