देशभर से जुटे स्वयंसेवक, युवाओं में ‘विविधता में एकता’ का संदेश
भागलपुर।मारवाड़ी कॉलेज परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय एकता शिविर–2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस सात दिवसीय शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों एनएसएस स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। शिविर का उद्देश्य युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, सेवा भावना और सांस्कृतिक सौहार्द को मजबूत करना है।
यह आयोजन भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के मार्गदर्शन में, एनएसएस क्षेत्रीय निदेशालय (बिहार–झारखंड) तथा तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के सहयोग से किया जा रहा है।
दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ
उद्घाटन सत्र की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस मौके पर उपस्थित अतिथियों ने स्वयंसेवकों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि एनएसएस युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाने वाला एक सशक्त मंच है, जो उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सेवा और संस्कृति का संगम
शिविर के दौरान स्वयंसेवकों के लिए विविध शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इनमें—
- स्वच्छता जागरूकता अभियान
- स्वास्थ्य शिविर
- पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम
- समूह चर्चा और संवाद सत्र
- योग एवं फिटनेस कार्यक्रम
- व्यक्तित्व विकास कार्यशाला
- देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक संध्याएँ
इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और राष्ट्रीय मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर मिलेगा।
विविधता में एकता का जीवंत उदाहरण
आयोजकों के अनुसार, यह शिविर युवाओं को “विविधता में एकता” के वास्तविक अर्थ से परिचित कराता है। अलग-अलग राज्यों से आए स्वयंसेवक अपनी भाषा, वेशभूषा, लोक संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे। इससे परस्पर समझ, सम्मान और भाईचारे की भावना को बढ़ावा मिलेगा।
अतिथियों ने की सराहना
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय एवं कॉलेज प्रशासन के प्रतिनिधियों सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयंसेवकों के उत्साह, अनुशासन और सेवा भावना की सराहना करते हुए युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता जैसे कार्यों में सक्रिय रहकर देश के विकास में योगदान दें।
समापन पर होगा सम्मान
शिविर के समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों को विश्वास है कि यह शिविर युवाओं के भीतर देशभक्ति, सामाजिक संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करेगा।


