मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में नई सरकार की तीसरी कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। कैबिनेट ने ‘सात निश्चय पार्ट-3’ को मंजूरी दे दी है, जिससे राज्य की राजनीति और विकास एजेंडे दोनों में हलचल मच गई है। इस योजना के तहत वर्ष 2025 से 2030 तक बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य तय किया गया है। सबसे अहम बात यह है कि सरकार ने इस अवधि में एक करोड़ नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का बड़ा लक्ष्य रखा है।
तीन चरणों में ‘सात निश्चय’ की यात्रा
दरअसल, वर्ष 2015 में सात निश्चय पार्ट-1 की शुरुआत हुई थी, 2020 में सात निश्चय पार्ट-2 पर काम किया गया और अब 2025 से 2030 के लिए सात निश्चय पार्ट-3 को लागू करने की तैयारी है। कैबिनेट बैठक में इस बार एकमात्र एजेंडा सात निश्चय पार्ट-3 ही रहा। बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने इसकी आधिकारिक जानकारी दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इस योजना को लेकर विस्तार से अपनी बात सार्वजनिक मंच पर रखी है।
सात निश्चय पार्ट-3 के प्रमुख बिंदु
1. दोगुना रोजगार, दोगुनी आय
इस योजना के तहत रोजगार और आय दोनों बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। करीब 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार योजनाओं से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत महिलाओं को ₹2 लाख तक की सहायता देने का प्रावधान किया गया है। फिलहाल महिलाओं को ₹10,000 की सहायता राशि दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य लोगों की आय को दोगुना करना है।
2. समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार
अगले पांच वर्षों में राज्य में लगभग ₹50 लाख करोड़ के निजी निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। नौ चीनी मिलों को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाएगा, जबकि 25 नई चीनी मिलों की स्थापना की जाएगी।
3. कृषि में प्रगति, देश की समृद्धि
वर्ष 2024 से 2029 तक लागू चौथे कृषि रोड मैप के कार्यों में तेजी लाई जाएगी। मखाना उत्पादन और उसके प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रत्येक पंचायत में सुधा बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे और हर खेत तक पानी पहुंचाने की योजना पर विशेष फोकस रहेगा।
4. उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य
राज्य के पुराने और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही नई एजुकेशन सिटी के निर्माण की भी योजना है।
5. सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन
आधुनिक अस्पतालों से लेकर नए मेडिकल कॉलेजों तक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जाएगा, ताकि आम लोगों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सके।
6. मजबूत आधार, आधुनिक विस्तार
शहरी क्षेत्रों का विस्तार किया जाएगा और नई टाउनशिप विकसित होंगी। इसके अलावा राज्य में पांच नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण का भी प्रस्ताव है।
7. सबका सम्मान, जीवन आसान
इस निश्चय के तहत आधुनिक तकनीक और नवाचार का अधिकतम उपयोग कर प्रशासनिक और सार्वजनिक सेवाओं को सरल और प्रभावी बनाया जाएगा।
तेज विकास का लक्ष्य
कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने कहा कि कैबिनेट में चर्चा के बाद सात निश्चय पार्ट-3 को वर्ष 2025–30 के लिए स्वीकृति दी गई है और इसे लेकर अधिसूचना भी जारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि इसका मूल उद्देश्य विकास की गति को तेज करना और अगले पांच वर्षों में बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है।


