समस्तीपुर में BJP नेता की हत्या से सियासी घमासान, RJD ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े एक सदस्य की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद न सिर्फ इलाके में तनाव का माहौल है, बल्कि प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

RJD का हमला: आम जनता भगवान भरोसे

भाजपा नेता की हत्या के बाद RJD ने नीतीश सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
उन्होंने बयान में कहा,
“प्रदेश में अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है और आम जनता भगवान भरोसे जीने को मजबूर है।”

राजद ने इस हत्या को सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि जब सत्ताधारी दल अपने ही नेताओं को सुरक्षा नहीं दे पा रहा है, तो आम लोगों की सुरक्षा की गारंटी कैसे दी जा सकती है।

सम्राट चौधरी के बयान पर उठे सवाल

इस हत्याकांड ने उस वक्त और राजनीतिक तूल पकड़ लिया, जब यह घटना उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हालिया बयान के कुछ ही घंटों बाद सामने आई।
बुधवार को सार्वजनिक मंच से बोलते हुए सम्राट चौधरी ने कहा था कि बिहार में अपराध को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया था कि कई अपराधी राज्य छोड़कर भाग चुके हैं और जो बचे हैं, उन्हें तीन महीने के भीतर बाहर कर दिया जाएगा।

हालांकि, उनके इस बयान के कुछ ही समय बाद भाजपा नेता रूपक सहनी की हत्या ने सरकार के दावों पर विपक्ष को सवाल उठाने का मौका दे दिया।

RJD का तंज और जवाबदेही की मांग

मृत्युंजय तिवारी ने तंज कसते हुए कहा,
“सरकार जब अपने ही दल के नेताओं की सुरक्षा नहीं कर पा रही है, तो आम जनता की सुरक्षा की बात करना केवल दिखावा है।”

राजद ने इस घटना को सरकार की नाकामी का प्रतीक बताते हुए दोषियों पर त्वरित कार्रवाई और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।

भाजपा का पलटवार: राजनीति न करें विपक्ष

वहीं, भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रियरंजन पटेल ने भाजपा नेता रूपक सहनी की हत्या को दुर्भाग्यपूर्ण घटना करार दिया।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

प्रियरंजन पटेल ने स्पष्ट किया कि इस मामले में पुलिस की ओर से किसी भी तरह की लापरवाही नहीं हुई है और कानून पूरी सख्ती से अपना काम कर रहा है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि जांच पूरी होने से पहले इस तरह की घटनाओं पर राजनीति करने से बचा जाए।

जांच जारी, सियासत जारी

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। वहीं, इस हत्याकांड को लेकर बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और सरकार इस घटना के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर क्या ठोस कदम उठाती है।

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