
नई दिल्ली/छत्रपति संभाजीनगर: नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक चले आंदोलन से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके की मां अनीता दीपके ने अपने बेटे को लेकर भावुक बातें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि आंदोलन शुरू होने के बाद अभिजीत का पूरा ध्यान छात्रों की लड़ाई पर केंद्रित हो गया और परिवार के लिए उनके पास समय ही नहीं बचा।
‘मम्मी, इमोशनल मत हो… मुझे देश के लिए काम करना है’
अनीता दीपके ने बताया कि आंदोलन के दौरान अभिजीत उनसे कम बात करते थे। जब भी बात होती, वह कहते थे, “मम्मी, ज्यादा इमोशनल मत हो। मुझे पूरे देश का समर्थन मिल रहा है। आप मेरी चिंता मत करो, अपनी सेहत का ध्यान रखो।”
उन्होंने बताया कि 6 जून को जब अभिजीत घर आए थे तो उन्होंने कुछ दिन घर पर रुकने की बात कही, लेकिन बेटे ने साफ कहा कि अब उसे देश के छात्रों के लिए काम करना है और जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में उसकी मौजूदगी जरूरी है।
‘अब वह पहले जैसा समय नहीं दे पाता’
अनीता दीपके ने कहा कि एक इकलौते बेटे की मां होने के नाते उन्हें उसकी चिंता रहती है। आंदोलन के बाद से अभिजीत परिवार को पहले जैसा समय नहीं दे पाते और लगातार व्यस्त रहते हैं। उन्होंने बताया कि इन दिनों उनकी तबीयत भी ठीक नहीं है, लेकिन फिर भी वह छात्रों के मुद्दों पर लगातार सक्रिय हैं।
हमले के बाद कई रातों तक नहीं आई नींद
अनीता दीपके ने बताया कि आंदोलन के दौरान जब अभिजीत पर हमला हुआ और उन्हें थप्पड़ मारा गया, तब वह बेहद घबरा गई थीं। उन्होंने कहा कि उस घटना के बाद कई दिनों तक न तो ठीक से नींद आई और न ही खाना खा सकीं। पूरे परिवार का माहौल बदल गया था और हर समय बेटे की सुरक्षा की चिंता बनी रहती थी।
‘बेटे पर गर्व है, उसने छात्रों की आवाज बुलंद की’
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अनीता दीपके ने कहा कि इतनी कम उम्र में अभिजीत ने देशभर के छात्रों की आवाज उठाकर बड़ा काम किया है। उन्होंने कहा कि एक मां होने के नाते चिंता जरूर होती है, लेकिन अपने बेटे के साहस और संघर्ष पर उन्हें गर्व भी है।
NEET पेपर लीक आंदोलन से राष्ट्रीय पहचान
नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर चले लंबे आंदोलन के दौरान अभिजीत दीपके लगातार छात्रों की मांगों को उठाते रहे। इसी आंदोलन के बाद उनका नाम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया और वह छात्रों के बीच एक प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे। अब उनकी मां के भावुक बयान ने इस आंदोलन से जुड़े मानवीय पहलू को भी सामने ला दिया।


