अररिया। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के मतदान से पहले जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।
11 नवंबर को होने वाले मतदान को देखते हुए भारत–नेपाल सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया है। सीमा क्षेत्रों से असामाजिक तत्वों की आवाजाही रोकने के लिए कड़ी निगरानी की जा रही है।
सीमा सील, 66 कंपनी केंद्रीय बल तैनात
अररिया एसपी अंजनी कुमार ने बताया कि नेपाल बॉर्डर को सुरक्षा के मद्देनजर पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है।
जिले में:
- 66 केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कंपनियाँ तैनात
- जिला बॉर्डर से लेकर प्रत्येक मतदान केंद्र पर बढ़ी सुरक्षा
- भीड़ नियंत्रण, शांति व्यवस्था और संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी
एसपी ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि मतदाता शांति, सहजता और निर्भीक होकर वोट डाल सकें।
पेड़ में लटका मिला चुनाव कर्मी का पहचान पत्र, बढ़ी नाराजगी
जिले के डिस्पैच सेंटर से चुनावी तैयारियों के बीच लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
मतदान में तैनात एक कर्मचारी का पहचान पत्र पेड़ में लटका हुआ मिला, जिसके बाद प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों और कर्मचारी संगठनों ने इसे गंभीर लापरवाही बताया है।
चुनाव आयोग की सख्त हिदायतों के बावजूद ऐसे मामलों का सामने आना जिले की तैयारी पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
प्रशासन सतर्क, जांच के आदेश संभावित
मामला सामने आने के बाद उच्च अधिकारियों से स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है।
संभावना है कि जिला प्रशासन इस पर जांच के आदेश जारी करे, क्योंकि चुनाव जैसे संवेदनशील कार्य में पहचान पत्र का इस तरह मिलना सुरक्षा और अनुशासन पर सवाल खड़ा करता है।
कल मतदान, सुरक्षा एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर
दूसरे चरण के मतदान में मतदान प्रतिशत बढ़ाने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए:
- लगातार गश्त
- सीमा पर चौकसी
- बूथों पर कड़ी सुरक्षा
- संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्ती
कुल मिलाकर, प्रशासन चुनाव को शांतिपूर्ण और निर्बाध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन पहचान पत्र की घटना ने तैयारी पर अव्यवस्था की छाया जरूर डाल दी है।


