नई दिल्ली। लैंड फॉर जॉब केस में लालू परिवार को आज बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट में सोमवार को निर्धारित सुनवाई किसी कारणवश टल गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 दिसंबर को होगी।
इस केस में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित कुल 9 आरोपित हैं।
आज होनी थी सुनवाई, अदालत ने बढ़ाई तारीख
लैंड फॉर जॉब केस में आज महत्वपूर्ण सुनवाई होनी थी, लेकिन कोर्ट ने कार्यवाही को स्थगित कर दिया।
अदालत के इस निर्णय से लालू परिवार को अस्थायी राहत मिली है।
यह मामला पिछले कई महीनों से ट्रायल स्टेज पर है और हर सुनवाई राजनीतिक रूप से भी सुर्खियों में रहती है।
क्या है ‘लैंड फॉर जॉब’ मामला?
यह मामला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के दौरान का है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे।
आरोप है कि:
गरीब परिवारों से जमीन लेकर बदले में रेलवे में नौकरी दी गई।
सीबीआई के अनुसार, यह लेन-देन कथित तौर पर नियमों के विरुद्ध था और जमीन लालू प्रसाद के परिवार या संबंधित लोगों के नाम पर रजिस्ट्री की गई।
इसी मामले में CBI ने लालू, राबड़ी और तेजस्वी सहित नौ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर रखी है।
सियासी पारा चढ़ा, राजद और बीजेपी आमने-सामने
- राजद का आरोप: यह मामला “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” है और केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को टारगेट कर रही है।
- बीजेपी और विपक्ष का दावा: केस की जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर हो रही है, और आरोपी कानून से ऊपर नहीं।
सुनवाई टलने के बाद अब दोनों पक्षों की नजर 4 दिसंबर की तारीख पर टिकी है।
क्यों है यह मामला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण?
लालू परिवार बिहार की राजनीति में बड़ा प्रभाव रखता है।
तेजस्वी यादव वर्तमान में विपक्ष के प्रमुख चेहरे हैं, और चुनावी मौसम में यह केस लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।
सुनवाई का हर मोड़ बिहार की राजनीति पर असर डालता है, खासकर तब जब राज्य में विधानसभा चुनाव भी जारी हैं।






