मालदा/साहिबगंज | 26 फरवरी, 2026 मालदा रेल मंडल ने यात्री सुविधाओं को डिजिटल युग से जोड़ने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा बुधवार, 25 फरवरी को नवपाड़ा महिषासुर हाल्ट पर एम-यूटीएस (M-UTS – मोबाइल अनारक्षित टिकट प्रणाली) सुविधा का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस नई व्यवस्था के बाद अब छोटे स्टेशनों और हाल्ट पर भी यात्रियों को लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी और टिकट काउंटर पर भीड़ का दबाव कम होगा।
DRM के मार्गदर्शन में ‘डिजिटल’ शुरुआत
यह आधुनिक टिकटिंग सेवा मालदा के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री मनीष कुमार गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) श्री कार्तिक सिंह के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में प्रारंभ की गई है।
- उद्घाटन: नवपाड़ा महिषासुर हाल्ट पर इस सेवा का शुभारंभ एक वास्तविक यात्री द्वारा एम-यूटीएस के माध्यम से टिकट खरीदने के साथ हुआ।
- तकनीक का उपयोग: इस प्रणाली के तहत रेलवे के अधिकृत कर्मी अपने स्मार्टफोन या टैबलेट और एक छोटे ब्लूटूथ-सक्षम प्रिंटर की मदद से स्टेशन परिसर में कहीं भी यात्रियों को तुरंत अनारक्षित टिकट जारी कर सकेंगे।
कैसे काम करेगी M-UTS प्रणाली?
अक्सर छोटे हाल्ट स्टेशनों पर सिंगल विंडो काउंटर होने के कारण ट्रेन आने के समय भारी भीड़ हो जाती है। एम-यूटीएस इस समस्या का सटीक समाधान है:
- मोबाइल टिकटिंग: रेल कर्मी अपने डिवाइस से टिकट जनरेट करेंगे।
- कैश और डिजिटल भुगतान: यात्री अपनी सुविधानुसार नकद या डिजिटल माध्यम से भुगतान कर सकेंगे।
- तत्काल प्रिंट: ब्लूटूथ प्रिंटर से मौके पर ही टिकट का प्रिंट निकालकर यात्री को सौंप दिया जाएगा।
यात्रियों को मिलने वाले 4 बड़े लाभ
प्रशासन को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से यात्रियों के अनुभव में क्रांतिकारी बदलाव आएगा:
- भीड़ से राहत: अब यात्रियों को मुख्य टिकट काउंटर पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
- तेज प्रक्रिया: ट्रेन आने से चंद मिनट पहले भी यात्री आसानी से टिकट प्राप्त कर सकेंगे।
- सुगमता: विशेषकर त्योहारों और भीड़भाड़ वाले समय में यह ‘चलता-फिरता’ टिकट काउंटर यात्रियों के लिए संजीवनी साबित होगा।
- पारदर्शिता: डिजिटल रिकॉर्डिंग के कारण टिकट निर्गमन की प्रक्रिया में कार्यकुशलता और पारदर्शिता बढ़ेगी।
भविष्य की योजना: अन्य हाल्ट स्टेशनों पर भी होगा विस्तार
मालदा मंडल ने स्पष्ट किया है कि नवपाड़ा महिषासुर हाल्ट तो बस एक शुरुआत है। रेलवे की योजना है कि चरणबद्ध तरीके से मंडल के अन्य छोटे स्टेशनों और हाल्टों पर भी इस एम-यूटीएस सुविधा का विस्तार किया जाए। यह कदम भारतीय रेलवे के उस बड़े लक्ष्य का हिस्सा है, जिसके तहत स्टेशनों का आधुनिकीकरण और टिकटिंग प्रक्रिया को 100% डिजिटल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
VOB का नजरिया: छोटे स्टेशनों का ‘बड़ा’ कायाकल्प
अक्सर रेल विकास की बातें बड़े स्टेशनों तक सिमट कर रह जाती हैं, लेकिन मालदा मंडल का नवपाड़ा महिषासुर जैसे हाल्ट स्टेशन पर ध्यान देना स्वागत योग्य है। एम-यूटीएस न केवल तकनीक का प्रदर्शन है, बल्कि यह उन ग्रामीण यात्रियों के समय की भी कद्र है जो हर दिन काम के सिलसिले में ट्रेनों पर निर्भर हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


