लक्ष्य पूरा करने वाले जिलों को मिलेगा पुरस्कार, CSC पर सेवा पूरी तरह निःशुल्क
पटना, 29 जनवरी 2026: बिहार सरकार किसानों के हित में ‘एग्रीस्टैक’ परियोजना को तेज गति से आगे बढ़ा रही है। इसी क्रम में मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में गुरुवार को एग्रीस्टैक की प्रगति को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जानकारी दी गई कि 2 फरवरी से 6 फरवरी तक राज्य भर में मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जा सके।
दूसरे चरण में जल्द प्रवेश का लक्ष्य
मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य हित सर्वोपरि है और एग्रीस्टैक के सभी कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि बिहार को जल्द ही इस परियोजना के दूसरे चरण में प्रवेश कराना सरकार का लक्ष्य है।
लक्ष्य पूरा करने पर इनाम
मुख्य सचिव ने बताया कि पीएम किसान योजना के लाभार्थी किसानों में से
50 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री लक्ष्य पूरा करने वाले जिलों को 1.5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
वहीं 35 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने वाले जिलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
किसानों से नहीं लिया जाएगा कोई शुल्क
मुख्य सचिव ने साफ कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसानों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
पहले CSC और वसुधा केंद्रों पर लिए जाने वाले 15 रुपये अब नहीं लिए जाएंगे। इसका भुगतान संबंधित विभाग करेगा।
हर रैयत किसान की बनेगी फार्मर आईडी
कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री नर्मदेश्वर लाल ने बताया कि राज्य के प्रत्येक रैयत किसान की फार्मर आईडी अनिवार्य रूप से तैयार की जाएगी, जिससे सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समय पर मिल सके।
दिल्ली में बिहार के काम की सराहना
28 जनवरी को नई दिल्ली में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यशाला में बिहार सरकार द्वारा मिशन मोड में किए जा रहे फार्मर रजिस्ट्री कार्यों की सराहना की गई। इसे अन्य राज्यों के लिए मॉडल बताया गया।
बेहतर प्रदर्शन वाले जिले
मुख्य सचिव ने जिन जिलों के कार्यों की विशेष सराहना की, उनमें शामिल हैं:
वैशाली, शिवहर, बेगूसराय, बक्सर, शेखपुरा और कटिहार।
बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।


