
52 योजनाओं की DPR में देरी पर विकास आयुक्त सख्त, साप्ताहिक रिपोर्ट का आदेश
पटना, 29 जनवरी 2026: बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को तेजी देने के लिए विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह ने गुरुवार को पथ निर्माण विभाग सभागार में 2025-26 की वार्षिक कार्य योजना के तहत चल रही परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की।
इस दौरान 52 बड़ी सड़क परियोजनाओं (कुल लागत 33,464 करोड़ रुपये) की DPR (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) की स्थिति पर चर्चा की गई। इनमें
36 परियोजनाएं NH विंग,
14 BRPNNL और
2 BSRDCL द्वारा तैयार की जा रही हैं।
इन बड़ी परियोजनाओं पर हुई समीक्षा
बैठक में जिन प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा हुई, उनमें शामिल हैं:
- अनीसाबाद–एम्स एलिवेटेड कॉरिडोर
- विक्रमशिला सेतु
- औरंगाबाद फोरलेन बाईपास
- सिंहेश्वर बाईपास
इनके अलावा राज्यभर में बाईपास, पुल, ROB और हाईवे चौड़ीकरण की कई योजनाएं भी शामिल हैं।
2,845 करोड़ की परियोजनाएं पहले ही स्वीकृत
अधिकारियों ने बताया कि अरवल बाईपास (4 लेन), दौदनगर बाईपास (4 लेन), मगरदेई घाट हाई लेवल ब्रिज, NH-322, ढाका मोड़ से बलझोर और समस्तीपुर–दरभंगा मार्ग जैसी परियोजनाएं पहले ही स्वीकृत हो चुकी हैं, जिनकी कुल लागत 2,845 करोड़ रुपये है।
DPR में देरी पर नाराजगी
विकास आयुक्त ने पाया कि कई परियोजनाओं में
- अलाइनमेंट अप्रूवल
- DPR सबमिशन
- स्क्रूटनी
- मंत्रालय और क्षेत्रीय कार्यालय को भेजने में
काफी देरी हो रही है।
उन्होंने कहा कि प्रगति यात्रा में घोषित परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए और ROB व पुराने पुलों के निर्माण से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
समयसीमा में पूरा करने का निर्देश
विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि
- अरवल–बिहारशरीफ
- दरभंगा–जयनगर
- मसरख–छपरा
- मसरख–छपरा–भीथामोर
जैसी परियोजनाओं की DPR तुरंत अंतिम रूप देकर मंत्रालय को भेजी जाए।
साथ ही सभी एजेंसियों को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सड़क विकास से बढ़ेगा आर्थिक विकास
श्री मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि बिहार में सड़क संपर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी विभागों और एजेंसियों से समन्वय के साथ तेज गति से कार्य करने का आह्वान किया, ताकि परियोजनाएं तय समय पर पूरी हो सकें।


