बेटे की पसंदीदा शादी से बिगड़ा पारिवारिक संतुलन, पत्नी गई मायके.. सिपाही ने उठाया खौफनाक कदम

पटना | 31 जुलाई 2025: राजधानी पटना के पुलिस लाइन परिसर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बुधवार रात चालक सिपाही अशोक कुमार सिंह (उम्र 50 वर्ष) ने अपने सरकारी आवास में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। वे पटना पुलिस लाइन में वर्ष 2004 से तैनात थे। लॉ एंड ऑर्डर डीएसपी-1 कृष्ण मुरारी प्रसाद ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी कोणों से जांच की जा रही है।


कमरे में मृत अवस्था में मिले सिपाही अशोक

बुधवार देर रात अशोक कुमार सिंह के परिजन जब उनके कमरे में पहुंचे तो उनका शव फंदे से झूलता मिला। शोर सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही बुद्धा कॉलोनी थाना की पुलिस और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य संकलन शुरू किया।

“30 जुलाई की शाम को पटना पुलिस लाइन स्थित आवास से चालक सिपाही अशोक कुमार का शव बरामद किया गया है। प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला है। एफएसएल टीम की सहायता से घटना की जांच की जा रही है।”
कृष्ण मुरारी प्रसाद, डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर)-1


पारिवारिक तनाव बना आत्महत्या की वजह?

परिजनों और अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, अशोक कुमार पिछले कुछ समय से पारिवारिक तनाव से जूझ रहे थे। उनके बेटे अजीत कुमार सिंह (उम्र 25 वर्ष) ने बताया कि छोटे बेटे रंजीत कुमार सिंह द्वारा किए गए प्रेम विवाह को लेकर पिता नाराज रहते थे। इसके चलते घर में अकसर विवाद होता था।

“मेरी मां दो दिन पहले ही पारिवारिक झगड़े के कारण मायके चली गई थीं। उसके बाद से पिता बेहद तनाव में थे और बिल्कुल चुप रहते थे।”
अजीत कुमार सिंह, मृतक के बेटे

बताया जा रहा है कि अशोक कुमार पर कर्ज का भी बोझ था। इन तमाम कारणों से वे मानसिक रूप से अत्यधिक तनाव में थे। ड्यूटी से लौटने के बाद उन्होंने यह कठोर कदम उठाया।


एफएसएल टीम जुटा रही साक्ष्य, हर एंगल से होगी जांच

घटना के बाद एफएसएल टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई जारी है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (विधि व्यवस्था) कृष्ण मुरारी प्रसाद ने मौके का निरीक्षण कर परिजनों से भी बातचीत की।

“प्रारंभिक साक्ष्य आत्महत्या की ओर इशारा करते हैं, लेकिन हम किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।”
डीएसपी कृष्ण मुरारी प्रसाद


शांत और कर्तव्यनिष्ठ थे अशोक कुमार

करीब दो दशकों से पटना पुलिस लाइन में तैनात अशोक कुमार को उनके सहकर्मी एक शांत और जिम्मेदार पुलिसकर्मी के रूप में जानते थे। उनकी अचानक हुई मृत्यु से विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। साथी कर्मियों ने भी इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताया।


मामले की गहराई से जांच जरूरी

यह घटना बिहार पुलिस के भीतर बढ़ते मानसिक दबाव और पारिवारिक तनाव की ओर इशारा करती है। जरूरी है कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए समय पर मनोवैज्ञानिक परामर्श और सहायता मुहैया कराई जाए।

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