ऊर्जा सचिव ने निर्माणाधीन महुआ ग्रिड उपकेंद्र का किया निरीक्षण, कार्य में तेजी लाकर समय पर पूरा करने के दिए निर्देश

पटना, बिहार में विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में ऊर्जा विभाग लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में ऊर्जा विभाग के सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री मनोज कुमार सिंह ने मंगलवार को वैशाली जिले के महुआ प्रखंड में निर्माणाधीन 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र का निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान ऊर्जा सचिव ने ग्रिड उपकेंद्र के निर्माण कार्य के साथ-साथ इससे संबंधित ट्रांसमिशन लाइनों के कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसी को निर्देश दिया कि सभी कार्यों में तेजी लाकर परियोजना को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्र को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

इस अवसर पर बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कुमार सहित कई वरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने ऊर्जा सचिव को परियोजना की वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना से अवगत कराया।

इस परियोजना के अंतर्गत महुआ में 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही इससे जुड़ी संचरण लाइन तथा 220/132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र ताजपुर में 132 केवी की दो लाइन बे का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 126.78 करोड़ रुपये है।

गौरतलब है कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा प्रगति यात्रा के दौरान 6 जनवरी 2025 को वैशाली जिले के महुआ प्रखंड में इस ग्रिड उपकेंद्र के निर्माण की घोषणा की गई थी। इसके बाद एजेंसी का चयन कर 15 मई 2025 को कार्य आवंटित किया गया। परियोजना को 18 माह की अवधि में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

वर्तमान प्रगति की बात करें तो ग्रिड उपकेंद्र स्थल पर मिट्टी परीक्षण और कंटूर सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। अप्रोच रोड का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जबकि दोनों ट्रांसमिशन लाइनों का विस्तृत सर्वे भी पूर्ण हो चुका है। इसके अलावा ग्रिड उपकेंद्र ताजपुर में सिविल निर्माण कार्य भी जारी है।

इस ग्रिड उपकेंद्र के निर्माण के बाद वैशाली जिले के महुआ, पिरोई, चेहराकला, डभेच्छ, पातेपुर, राजापाकड़, गौरौल, मिर्जानगर, मौदहचतुर और छतवाड़ा शक्ति उपकेंद्रों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इससे न केवल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

ऊर्जा सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सभी क्षेत्रों में सुदृढ़ विद्युत ढांचा विकसित करना है, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जा सके।

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