झंडापुर-दयालपुर सड़क हादसे में मौत का आंकड़ा बढ़कर हुआ 6; उजड़ गए कई सुहाग, अनाथ हुए मासूम; ‘महादेव’ से न्याय मांग रही बिलखती आंखें

भागलपुर/नवगछिया | 26 फरवरी, 2026: झंडापुर के दयालपुर में मंगलवार को हुई बस, मैजिक और सीएनजी वाहन की त्रिकोणीय टक्कर ने पूरे इलाके को गहरे जख्म दिए हैं। इस भीषण दुर्घटना में मृतकों की संख्या अब बढ़कर छह हो गई है। मायागंज अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे दो और युवकों, रूपेश (25 वर्ष) और सोनू (32 वर्ष) ने बुधवार को दम तोड़ दिया। जैसे-जैसे शव उनके पैतृक गांवों में पहुँच रहे हैं, बिहार के कई जिलों में मातम का सन्नाटा पसर गया है।

दो और परिवारों का चिराग बुझा: कटिहार में पसरा सन्नाटा

​बुधवार को मायागंज अस्पताल में इलाज के दौरान जिन दो मजदूरों की मौत हुई, वे दोनों कटिहार जिले के रहने वाले थे:

    • सोनू मंडल (मौलानगर चकला, समेली): सोनू पांच दिन पहले ही होली पर घर आने का वादा कर भट्ठा पर काम करने गया था। उसके तीन छोटे बच्चे और पत्नी प्रीति देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। सोनू की मां जासो देवी पंचायत में वार्ड पंच हैं।
    • रूपेश मंडल (लोहनी पोठिया, फलका): रूपेश इस हादसे में जान गंवाने वाले अरविंद मंडल का साढू था। रूपेश के भी तीन बच्चे हैं। उसकी पत्नी आरती का विलाप पत्थर को भी पिघला देने वाला था, वह बार-बार एक ही रट लगा रही थी— “कौन गुनाह के सजा देलहो हो महादेव जे हमर सुहाग छीनी लेलहो।”

तीसरे साढू की जुबानी: हादसे में बचे विजय मंडल ने बताया कि वे तीनों साढू पिछले 10 साल से एक साथ भट्ठे पर मजदूरी करते थे। अब तीन में से दो (अरविंद और रूपेश) साथ छोड़ गए, अकेला विजय ही जिंदा बचा है।

 

इस्माइलपुर में एक साथ उठीं दो अर्थियां: अनाथ हुए चार बेटे

​इस हादसे का सबसे मार्मिक पहलू इस्माइलपुर के पूर्वी भिट्ठा में देखने को मिला, जहाँ सुनील दास और उनकी पत्नी पुरनी देवी की अर्थी एक साथ उठी।

      • गांव में नहीं जला चूल्हा: बुधवार को पूरे गांव में किसी के घर खाना नहीं बना।
      • छोटे बेटे की पुकार: सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले सबसे छोटे बेटे छोटू ने अपनी मां के शव को झकझोरते हुए पूछा— “अब हमको खाना कौन खिलाएगा?” * मुख्तलिफ मंजर: बड़े बेटे ब्रजेश ने पिता को और छोटे बेटे छोटू ने मां को मुखाग्नि दी। तीसरा बेटा रोहित बेंगलुरु से घर के लिए निकल चुका है, लेकिन वह अपने माता-पिता के अंतिम दर्शन नहीं कर सका।

संसारपुर घाट पर मासूम कुणाल को दी गई विदाई

​मोरकाही के घरारी गांव के नन्हे कुणाल की मौत ने सबको झकझोर दिया। वह अपनी मां के साथ नाना के श्राद्ध कर्म में शामिल होने जा रहा था। बुधवार को संसारपुर घाट पर उसकी बड़ी बहन टोनी ने अपने भाई को मुखाग्नि दी। कुणाल के पिता अमन निषाद और मां कल्पना देवी अभी भी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती हैं।

पुलिसिया कार्रवाई: बस चालक पर केस, संयुक्त टीम करेगी जांच

​प्रशासन अब इस हादसे के कारणों की तह तक जाने की कोशिश कर रहा है:

      1. केस दर्ज: मृतक सुनील दास के पुत्र ब्रजेश की शिकायत पर बस चालक रविंद्र कुमार के खिलाफ नवगछिया ट्रैफिक थाने में मामला दर्ज किया गया है। बस मधेपुरा के किसी व्यक्ति की बताई जा रही है।
      2. संयुक्त जांच: नवगछिया एसपी प्रेरणा कुमार के अनुसार, पुलिस, परिवहन और पथ निर्माण विभाग की एक संयुक्त टीम इस ब्लैक स्पॉट की जांच करेगी।
      3. सुरक्षा उपाय: ट्रैफिक डीएसपी अनिल कुमार ने स्वीकार किया कि घटनास्थल पर तीखा मोड़ है और वहां अंधेरा रहता है। अब वहां स्पीड लिमिट के साइनेज और लाइट की व्यवस्था की जाएगी।

घायलों की स्थिति: अभी भी अस्पताल में जारी है जंग

​मायागंज अस्पताल में अभी भी कई लोग भर्ती हैं, जिनका पुलिस बयान दर्ज करेगी। घायलों में पूर्णिया के मनोज मंडल, अमन निषाद, सीमा देवी, कल्पना देवी और सोनू का भाई मिथिलेश शामिल हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कौन किस वाहन पर सवार था और टक्कर की असली वजह क्या थी।

VOB का नजरिया: क्या हादसों के बाद ही जागेगा विभाग?

​हादसे वाली जगह पर तीखा मोड़ और अंधेरा होना, विभाग की बड़ी लापरवाही दर्शाता है। अगर वहां पहले से लाइट और संकेतक होते, तो शायद ये छह जानें बच सकती थीं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ मांग करता है कि प्रशासन केवल जांच न करे, बल्कि पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के लिए ठोस आर्थिक सहायता की घोषणा भी करे।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।

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