
पटना, 09 दिसम्बर 2025: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कच्ची दरगाह–बिदुपुर 6 लेन गंगा पुल परियोजना के द्वितीय चरण— हाजीपुर–महनार पथ (NH-122B) से चकसिकंदर (NH-322) तक—के निर्माण कार्य का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विभिन्न निर्माण बिंदुओं की प्रगति देखी और कार्य में हो रही देरी पर गहरी चिंता जताते हुए निर्देश दिया कि शेष कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए।
“परियोजना के पूर्ण होते ही राघोपुर, वैशाली और आसपास के क्षेत्रों को पटना से निर्बाध सड़क संपर्क मिलेगा। महात्मा गांधी सेतु पर भार कम होगा और उत्तर–दक्षिण बिहार कनेक्टिविटी को एक नया विकल्प प्राप्त होगा।”
— मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
परियोजना के महत्व पर मुख्यमंत्री का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना का पहला चरण पूरा होने के बाद पटना से राघोपुर दियारा तक संपर्क बहाल हो गया है, जिसने स्थानीय लोगों को काफी राहत प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि—
- पूरा पुल बन जाने के बाद कृषि, उद्योग और स्थानीय व्यवसायों में तेजी से वृद्धि होगी।
- आकस्मिक चिकित्सा (Emergency) की स्थिति में मरीजों को पटना पहुँचने में पहले की तुलना में काफी कम समय लगेगा।
- सड़क संपर्क सुगम होने से उत्तर बिहार से आने-जाने वालों को एक वैकल्पिक, तेज और सुरक्षित मार्ग मिलेगा।
- महात्मा गांधी सेतु पर दबाव घटेगा और यातायात अधिक सुव्यवस्थित होगा।
परियोजना की प्रगति – 85% कार्य पूरा
- कुल लंबाई: 19.76 किमी
- पुल: 9.76 किमी
- पहुंच पथ: 10 किमी
- कुल लागत: ₹4,988 करोड़
- प्रथम चरण (कच्ची दरगाह–राघोपुर दियारा, 4.57 किमी): 23 जून 2025 को उद्घाटन
- द्वितीय चरण: हाजीपुर–महनार पथ से चकसिकंदर तक
- तृतीय चरण: राघोपुर दियारा से हाजीपुर–महनार पथ तक
- वर्तमान प्रगति: 85%
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि—
“पूरी परियोजना को तेजी और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए ताकि लोगों को जल्द से जल्द इस महत्वपूर्ण पुल का लाभ मिल सके।”
निरीक्षण के दौरान मौजूद प्रमुख अधिकारी
- जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री – विजय कुमार चौधरी
- मुख्यमंत्री के सचिव – कुमार रवि
- बीएसआरडीसी के प्रबंध निदेशक – शीर्षत कपिल अशोक
- जिलाधिकारी, पटना – डॉ. त्यागराजन एस.एम.
- वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना – कार्तिकेय के. शर्मा
मुख्यमंत्री द्वारा किए गए इस निरीक्षण से स्पष्ट है कि राज्य सरकार इस मेगा परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है, जिससे प्रदेश की सड़क आधारभूत संरचना को नई दिशा मिलने वाली है।


