दिल्ली मेट्रो के विस्तार को केंद्र सरकार की मंजूरी, 12,015 करोड़ की लागत से बनेगी नई मेट्रो लाइन

नई दिल्ली: दिल्लीवासियों के लिए राहत और सुविधा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने दिल्ली मेट्रो के विस्तार को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 12,015 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से राजधानी में यातायात व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के साथ-साथ प्रदूषण की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट से मिली हरी झंडी

दिल्ली मेट्रो विस्तार को लेकर 24 दिसंबर 2025 को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। सरकार के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली मेट्रो से प्रतिदिन लगभग 65 लाख यात्री सफर करते हैं। यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए मेट्रो नेटवर्क का विस्तार आवश्यक माना जा रहा था।

फेज-5A में 13 नए मेट्रो स्टेशन

मेट्रो विस्तार के इस नए चरण, फेज-5A, के तहत कुल 16 किलोमीटर लंबी नई मेट्रो लाइन बिछाई जाएगी। इस दौरान 13 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें 10 अंडरग्राउंड और 3 एलिवेटेड स्टेशन शामिल होंगे। इस विस्तार के पूरा होने के बाद दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई लगभग 400 किलोमीटर तक पहुंच जाएगी।

परियोजना के तहत विभिन्न सेक्शन में ट्रैक विस्तार इस प्रकार होगा:

  • रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक 9.9 किलोमीटर ट्रैक का निर्माण किया जाएगा, जिस पर करीब 9,570.4 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • एयरोसिटी से एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक 2.3 किलोमीटर ट्रैक का विस्तार किया जाएगा, जिसकी लागत 1,419.6 करोड़ रुपये होगी।
  • तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक 3.9 किलोमीटर ट्रैक बिछाया जाएगा, जिस पर लगभग 1,024.8 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर उठाएंगी खर्च

परियोजना की कुल लागत का वहन केंद्र और दिल्ली सरकार संयुक्त रूप से करेंगी। योजना के अनुसार, केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार दोनों 1,759-1,759 करोड़ रुपये का योगदान करेंगी, जबकि शेष लगभग 5,000 करोड़ रुपये की राशि ऋण के रूप में जुटाई जाएगी।

प्रदूषण और ट्रैफिक में आएगी कमी

केंद्र सरकार का कहना है कि दिल्ली मेट्रो के इस विस्तार से राजधानी में सड़क यातायात का दबाव कम होगा, जिससे ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है। साथ ही, मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ने से यात्रियों को सुरक्षित, सस्ता और तेज सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा।

पटना मेट्रो को लेकर उठे सवाल

इधर, पटना मेट्रो के उद्घाटन के बाद अपेक्षित प्रगति नहीं होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि मेट्रो सेवा शुरू होने के बावजूद यात्री संख्या में गिरावट देखी जा रही है। यात्रियों के अनुसार, न्यूनतम किराया 15 रुपये होने के कारण कई लोग अन्य परिवहन साधनों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

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