भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शीर्ष नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के जनवरी के मध्य तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
फिलहाल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के पास है, जो वर्ष 2020 से इस पद पर कार्यरत हैं।
संगठन चुनाव लगभग पूरे, अध्यक्ष चयन का रास्ता साफ
पार्टी सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है, जिससे नितिन नवीन की नियुक्ति का रास्ता साफ माना जा रहा है। यदि यह प्रक्रिया पूरी होती है तो नितिन नवीन 2029 के लोकसभा चुनाव तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक, देशभर में संगठन चुनाव तेज़ी से पूरे किए गए हैं—
- 18 लाख पोलिंग बूथों में से 17 लाख से अधिक में चुनाव संपन्न
- 1050 जिलों में से 950 से ज्यादा जिलों में संगठन चुनाव पूरे
- पार्टी संविधान के अनुसार 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में से 30 में प्रक्रिया पूरी
राष्ट्रीय परिषद से मिलेगी मंजूरी
एक वरिष्ठ भाजपा नेता के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद 3 से 4 दिनों के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी कर राष्ट्रीय परिषद से औपचारिक मंजूरी ली जाएगी।
पार्टी के एक अन्य सूत्र का कहना है कि मकर संक्रांति के आसपास इस पूरी प्रक्रिया की घोषणा संभव है, ऐसे में 20 जनवरी तक नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो सकता है।
पीढ़ीगत बदलाव का संकेत मानी जा रही नियुक्ति
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वर्ष 2025 के अंत में बिहार के विधायक नितिन नवीन को कार्यकारी अध्यक्ष बनाना और अब उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की तैयारी भाजपा में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत है।
यदि नितिन नवीन राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो वर्ष 2026 में होने वाले पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों की बड़ी जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी। इनमें पश्चिम बंगाल चुनाव को सबसे चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।


