पटना।एसआईआर (SIR) को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है और इस बार बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट पुनरीक्षण का हम विरोध नहीं कर रहे, बल्कि आयोग की प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि लोगों के नाम बिना जानकारी के काट दिए जा रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने सवाल किया,
“नाम काटा तो क्यों काटा, कोई बताने वाला नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की सलाह भी आयोग नहीं मान रहा, जबकि खुद को संवैधानिक संस्था बताकर उसका दुरुपयोग कर रहा है। हम सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से अपनी बात रखेंगे।”
“विशेष राज्य का दर्जा नहीं… नाम कट रहा है”
तेजस्वी ने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा तो नहीं मिला, लेकिन वोटर लिस्ट निरीक्षण के नाम पर लोगों का नाम जरूर काटा जा रहा है। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग साफ करे कि किन परिस्थितियों में नाम हटाए गए और कितने लोगों के नाम दो जगह दर्ज हैं।
तेजस्वी ने दावा किया,
“उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा का नाम भी वोटर लिस्ट में दो-दो जगह है। हमने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये बात बताई, उसके बाद नोटिस जारी हुआ। लेकिन इससे तो खुद उन्होंने चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा कर दिया है।”
“यह मोदी आयोग बन गया है”
तेजस्वी ने कहा कि राहुल गांधी भी इस मुद्दे के सबूत दे चुके हैं, लेकिन आयोग जवाब देने से बच रहा है।
“हम शुरू से कह रहे हैं, यह चुनाव आयोग नहीं, मोदी आयोग बनकर रह गया है। लगातार इसके प्रमाण सामने आ रहे हैं।”
जनता के बीच ‘वोट अधिकार यात्रा’
उन्होंने ऐलान किया कि 17 अगस्त से ‘वोट अधिकार यात्रा’ की शुरुआत होगी। इसमें अपराध, भ्रष्टाचार और बिहार की मौजूदा स्थिति पर जनता को जागरूक किया जाएगा। राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन के कई नेता इसमें शामिल होंगे।
“केंद्र और राज्य सरकार दोनों चुप हैं, अपराध बढ़ रहा है। ऐसे में जनता को सच्चाई बताना ही हमारा रास्ता है।”


