
बिहार में ज्योति देवी पर कथित हमले के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। बिहार सरकार में मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन ने इस मामले को लेकर तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोला है।
‘अपने समर्थकों को मर्यादा में रखिए’
संतोष सुमन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि बिहार बदल चुका है और अब दलित समाज डरने वाला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक पर हमला करने वाले लोग राजद समर्थक हैं और उन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।
उन्होंने कहा,
“तेजस्वी जी, अपने समर्थकों को मर्यादा में रखिए। बिहार में किसी एक खास जाति की दबंगई का दौर खत्म हो चुका है।”
जीतन राम मांझी ने भी दी आंदोलन की चेतावनी
इस मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यदि 8 दिनों के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और मोहनपुर थाना के दारोगा पर कार्रवाई नहीं की गई, तो HAM पार्टी डीएम-एसपी कार्यालय का घेराव करेगी और 7 दिनों तक आंदोलन चलाया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ज्योति देवी ने गया जिले के मोहनपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 17 मई को गंभीरा गांव में एक कार्यक्रम में जाते समय उनके काफिले को रास्ते में रोक दिया गया।
विधायक के अनुसार, सामने से आ रही एक सवारी गाड़ी को जानबूझकर सड़क के बीच खड़ा कर रास्ता जाम किया गया। जब उनके अंगरक्षकों ने रास्ता खाली करने को कहा तो 15-20 लोग गाड़ी से उतरकर सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट करने लगे।
जातिसूचक गालियां और धमकी का आरोप
विधायक ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और उनकी गाड़ी के शीशे पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि उन्हें खुद को गाड़ी के अंदर असुरक्षित महसूस हुआ। बाद में स्थानीय ग्रामीणों की मदद से वे वहां से सुरक्षित निकल सकीं।
सात नामजद आरोपी
एफआईआर में पलटु यादव, सुनील यादव, दीपक यादव, सीता यादव, कारू मालाकार, राहुल मालाकार और विक्रम ठाकुर समेत सात लोगों को नामजद किया गया है। इसके अलावा कुछ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस जांच में जुटी
अमित जायसवाल ने बताया कि पुलिस को आवेदन मिल गया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


