
भागलपुर, 19 मई 2026: भागलपुर में छात्राओं को आत्मनिर्भर और व्यावहारिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में चलाया जा रहा इंटर्नशिप कार्यक्रम लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। मां आनंदी फाउंडेशन की ओर से सुंदरवती महिला महाविद्यालय की छात्राओं के लिए आयोजित विशेष इंटर्नशिप कार्यक्रम का 11वां दिन मंगलवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण, पौधों की देखभाल और फ्लोरीकल्चर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम में बिहार कृषि विश्वविद्यालय के हॉर्टिकल्चर, फ्लोरीकल्चर एवं लैंडस्केपिंग विभाग की विशेषज्ञ डॉ. दीप्ति सिंह ने छात्राओं को पौधों और पर्यावरण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को यह भी बताया कि किस तरह बेकार पड़े फूलों और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके आकर्षक सजावटी वस्तुएं और सुंदर गुलदस्ते तैयार किए जा सकते हैं।
इंटर्नशिप कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ किताबों तक सीमित शिक्षा देना नहीं, बल्कि छात्राओं को व्यावहारिक जीवन से जोड़ना है। आयोजकों का कहना है कि आज के दौर में सिर्फ डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं में कौशल, आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच का विकास भी जरूरी है। इसी सोच के तहत यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
11 दिनों से चल रहे इस कार्यक्रम में अब तक अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ छात्राओं को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दे चुके हैं। हर दिन किसी नए विषय पर सत्र आयोजित किया जाता है, ताकि छात्राओं को बहुआयामी ज्ञान मिल सके और वे भविष्य में रोजगार, उद्यमिता और सामाजिक जिम्मेदारियों के लिए तैयार हो सकें।
मंगलवार को आयोजित सत्र में डॉ. दीप्ति सिंह ने छात्राओं को पौधों की देखभाल के वैज्ञानिक तरीके समझाए। उन्होंने बताया कि घरों और आसपास के वातावरण में पौधे सिर्फ सुंदरता ही नहीं बढ़ाते, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं के बीच पौधारोपण और हरियाली बढ़ाना बेहद जरूरी हो गया है।
डॉ. सिंह ने छात्राओं को यह भी बताया कि फूलों का उपयोग सिर्फ पूजा या सजावट तक सीमित नहीं है। कई बार इस्तेमाल के बाद फेंक दिए जाने वाले फूलों से भी सुंदर और उपयोगी वस्तुएं बनाई जा सकती हैं। उन्होंने छात्राओं को पुराने और बेकार पड़े फूलों से आकर्षक गुलदस्ते, सजावटी सामग्री और क्राफ्ट तैयार करने की तकनीक सिखाई।
सत्र के दौरान छात्राओं ने भी काफी उत्साह दिखाया। कई छात्राओं ने पौधों की देखभाल, फ्लोरीकल्चर और छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू करने से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने छात्राओं को बताया कि आज के समय में फ्लोरीकल्चर और गार्डनिंग से जुड़ा क्षेत्र रोजगार और स्वरोजगार की बड़ी संभावनाएं पैदा कर रहा है।
कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से उन्हें नई चीजें सीखने का मौका मिल रहा है। उनका कहना था कि कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भविष्य के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। कई छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण को लेकर भी अपनी रुचि दिखाई।
मां आनंदी संस्था की संस्थापिका डॉ. प्रिया सोनी ने कहा कि संस्था का उद्देश्य छात्राओं को सिर्फ शैक्षणिक रूप से नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को ऐसे कौशलों की जरूरत है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करें। इसी सोच के साथ यह इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की छात्राओं को समान अवसर मिलना चाहिए। कई प्रतिभाशाली छात्राएं संसाधनों और मार्गदर्शन की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पातीं। संस्था का प्रयास है कि उन्हें सही मंच और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।
कार्यक्रम में स्वाति कुमारी और प्रकाश झा सहित कई लोग मौजूद रहे। सुंदरवती महिला महाविद्यालय की सैकड़ों छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ सत्र में भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को व्यावहारिक गतिविधियों में भी शामिल किया गया ताकि वे सिर्फ सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रहें।
विशेषज्ञों का कहना है कि आज पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पहले से ज्यादा है। तेजी से बढ़ते प्रदूषण, पेड़ों की कटाई और जलवायु परिवर्तन का असर पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है। ऐसे में युवाओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि छोटे स्तर पर गार्डनिंग, फ्लोरीकल्चर और सजावटी वस्तुओं का निर्माण महिलाओं के लिए स्वरोजगार का अच्छा माध्यम बन सकता है। घर बैठे भी इस क्षेत्र में काम शुरू कर आर्थिक रूप से मजबूत हुआ जा सकता है।
शिक्षाविदों का मानना है कि कॉलेज स्तर पर इस तरह के इंटर्नशिप कार्यक्रम छात्रों के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। इससे छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन की चुनौतियों को समझने लगती हैं।
भागलपुर में आयोजित यह कार्यक्रम अब छात्राओं के बीच काफी लोकप्रिय हो चुका है। कई छात्राएं नियमित रूप से इसमें भाग ले रही हैं और नए विषयों को सीखने में रुचि दिखा रही हैं। आयोजकों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को बुलाकर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
फिलहाल इंटर्नशिप कार्यक्रम का 11वां दिन सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद छात्राओं और आयोजकों में उत्साह का माहौल है। संस्था को उम्मीद है कि इस पहल से छात्राओं को भविष्य में आत्मनिर्भर बनने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने की प्रेरणा मिलेगी।


