बिहार में तकनीकी शिक्षा को मिलेगा नया आयाम! राजकीय इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में होंगे नए भवनों का निर्माण

बिहार सरकार तकनीकी शिक्षा के विस्तार और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि की अध्यक्षता में राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों (GEC) और राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों (GP) में अतिरिक्त भवनों के निर्माण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में भवन निर्माण विभाग के वरीय पदाधिकारी, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारी और कार्यपालक अभियंता समेत अन्य विशेषज्ञ भौतिक एवं ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे। बैठक में संस्थानों में आवश्यकतानुसार नए भवनों के निर्माण से संबंधित तकनीकी अनुमोदित प्राक्कलन प्रस्तुत करने पर विशेष चर्चा हुई।

बिहार के 37 तकनीकी संस्थानों को मिलेंगे नए भवन

सचिव कुमार रवि ने बताया कि बिहार के 20 राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों और 17 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में नए अकादमिक भवन, प्रशासनिक भवन, ऑडिटोरियम, छात्रावास, प्रयोगशाला, गेस्ट रूम और बाउंड्रीवाल का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन भवनों के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध है, जिससे निर्माण कार्यों में कोई बाधा नहीं आएगी।

इन जिलों में होंगे बड़े निर्माण कार्य

सचिव ने सीतामढ़ी, पश्चिम चंपारण, गया, दरभंगा, लखीसराय, मुंगेर, अररिया और अरवल सहित विभिन्न जिलों के कार्यपालक अभियंताओं से संस्थानों की स्थिति और आवश्यकताओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने प्रत्येक परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को जल्द से जल्द आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्य वास्तुविद को सौंपी गई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

सचिव ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को नए निर्माण कार्यों के लिए साईट प्लान तैयार कर मुख्य वास्तुविद को भेजने का निर्देश दिया। मुख्य वास्तुविद को भी संबंधित साईट प्लान की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश देने को कहा गया।

इसके अलावा, सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नए भवनों के निर्माण हेतु समेकित रिपोर्ट तैयार की जाए और इसे विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को भेजा जाए। साथ ही, उन्होंने पहले से चल रहे कार्यों की भी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

तकनीकी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

बिहार सरकार की यह पहल तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। इस फैसले से राज्य में तकनीकी शिक्षा संस्थानों की आधारभूत संरचना मजबूत होगी, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सकेगी।

सरकार का यह निर्णय राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगा। नई संरचनाओं के निर्माण से तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बिहार को देशभर में एक नई पहचान मिलेगी।

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