
पश्चिम चंपारण | बिहार के पश्चिम चंपारण स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में वन विभाग की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई शुक्रवार को हिंसक झड़प में बदल गई। वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के ठाड़ी गांव के पास धनहिया में वन विभाग, पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच जमकर बवाल हुआ। आक्रोशित भीड़ ने कार्रवाई में लगी जेसीबी मशीन में आग लगा दी, जबकि झड़प में दोनों पक्षों के करीब आधा दर्जन लोगों के घायल होने की सूचना है।
वन भूमि खाली कराने पहुंची थी संयुक्त टीम
जानकारी के अनुसार वन विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम वीटीआर की वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुंची थी। कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं, मौके पर पहुंच गईं और वन विभाग की टीम का घेराव कर दिया।
हालात बिगड़े, अतिरिक्त पुलिस और SSB को बुलाना पड़ा
भीड़ के उग्र होने पर स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखी। सूचना मिलते ही वाल्मीकिनगर थाना पुलिस, एसडीपीओ निहार भूषण और एसएसबी के कमांडेंट अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया और वन विभाग की टीम को सुरक्षित बाहर निकाला।
इसके बाद इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और वन कर्मियों की तैनाती कर दी गई।
जेसीबी में लगाई आग, क्षेत्र में तनाव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई में लगी जेसीबी मशीन में आग लगा दी। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
क्या बोले एसडीपीओ?
एसडीपीओ निहार भूषण ने बताया कि अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम और स्थानीय लोगों के बीच झड़प की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।
“अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम और स्थानीय लोगों के बीच हल्की झड़प की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है तथा वन विभाग की टीम को सुरक्षित निकाल लिया गया है। फिलहाल हालात काबू में हैं।” — निहार भूषण, एसडीपीओ
प्रशासन का सख्त संदेश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही चेतावनी दी गई है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, हिंसा करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन वन अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तैयार कर रहा है।


