715 माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता रद्द किए जाने पर शिक्षकों और छात्रों का आक्रोश, विधानमंडल के समक्ष प्रदर्शन

पटना, 23 जुलाई।राज्यभर में संचालित 715 अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों और छात्रों ने सोमवार को बिहार विधानमंडल के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा बिना पूर्व सूचना और स्पष्टीकरण के इन विद्यालयों की मान्यता निलंबित कर दी गई है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।

40 वर्षों से संचालित हैं ये विद्यालय

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि ये 715 माध्यमिक विद्यालय पिछले 40 वर्षों से संचालित हैं। इन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं कर्मियों की नियुक्तियाँ राज्य सरकार के निर्धारित मानक, मंडल एवं आरक्षण नियमावली के अनुरूप की गई हैं। विद्यालयों में प्रतिवर्ष लगभग 3 से 4 लाख छात्र-छात्राएँ अध्ययनरत रहते हैं और अधिकांश विद्यालयों के नाम पर भवन, भूमि (कुल 3400 एकड़) और अन्य आधारभूत संरचनाएं महामहिम के नाम पर निबंधित हैं।

राज्य सरकार ने पहले दी थी स्थापना की स्वीकृति और अनुदान

प्रदर्शन कर रहे प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्ष 2008 में राज्य सरकार द्वारा वितरहित शिक्षा नीति समाप्त करते हुए इन विद्यालयों को छात्र संख्या के आधार पर अनुदान देने का निर्णय लिया गया था। वर्ष 2008-09 से 2016-17 तक अधिकतर विद्यालयों को नियमित अनुदान भी दिया गया।

इन विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री पोशाक योजना, छात्रवृत्ति और साइकिल योजना जैसी मुख्यमंत्री लाभुक योजनाओं का भी लाभ मिलता रहा है, जिससे यह स्पष्ट है कि सरकार भी इन विद्यालयों की भूमिका को मान्यता देती रही है।

2020 के बाद से शुरू हुई अवहेलना, मान्यता रद्द कर दी गई

वक्ताओं के अनुसार, वर्ष 2020 के बाद संबंधित विद्यालयों के पोषक क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक और मध्य विद्यालयों को उत्क्रमित कर माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में तब्दील कर दिया गया, जिससे 715 विद्यालयों में नामांकन प्रभावित हुआ। इसके बाद वर्ष 2023 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा बिना कोई पूर्व सूचना या स्पष्टीकरण मांगे, सम्बद्धता विनियमावली 2011 के तहत इन विद्यालयों की मान्यता निलंबित कर दी गई।

कर्मियों की मांग – बहाल की जाए मान्यता, स्थायी समाधान निकाला जाए

प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि इन विद्यालयों को बिहार अराजकीय माध्यमिक विद्यालय (प्रबंध एवं नियंत्रण ग्रहण) अधिनियम, 1981 की धारा 3/3 एवं 19 के तहत स्थापना की स्वीकृति प्राप्त है और उन्हें निलंबित करना कानूनी, नैतिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से उचित नहीं है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि:

  • सभी 715 विद्यालयों की मान्यता बहाल की जाए
  • कार्यरत शिक्षकों और कर्मियों को नियमित किया जाए
  • छात्रों को पूर्ववत राज्य की योजनाओं का लाभ दिया जाए
  • नीति-निर्माण में संबंधित विद्यालयों से विमर्श किया जाए

आंदोलन की चेतावनी

यदि सरकार द्वारा जल्द कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो शिक्षकों और छात्रों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।


 

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