बिहार में 5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य, रैपिड रेल और नई औद्योगिक नीति पर सरकार का बड़ा ऐलान

पटना: बिहार में औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा आर्थिक लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने घोषणा की है कि 20 नवंबर 2026 तक लगभग 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है।

यह ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर भाजपा द्वारा आयोजित “12 साल विश्वास के, विकास के और जनकल्याण के” मीडिया संवाद कार्यक्रम में किया गया।


बिहार में औद्योगिक विकास पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अब निवेशकों के लिए तेजी से आकर्षक राज्य बन रहा है। राज्य में सीमेंट, बेवरेज, डेटा सेंटर जैसी कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

सरकार ने उद्योगों के लिए अनुमति प्रक्रिया को सरल करते हुए 30 दिनों की समयसीमा तय की है। तय समय में अनुमति नहीं मिलने पर प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ जाएगी।


रैपिड रेल परियोजना पर काम शुरू

सरकार ने राज्य में रैपिड रेल नेटवर्क विकसित करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। प्रस्तावित योजना के तहत राजगीर, गया और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों को रैपिड रेल से जोड़ने पर काम चल रहा है।

दावा किया गया है कि इस परियोजना के पूरा होने पर इन शहरों के बीच यात्रा का समय लगभग 40 मिनट तक रह जाएगा।


बुनियादी ढांचे का विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सड़क, बिजली, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में तेजी से सुधार हुआ है।
दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट के बाद कई नए एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप और हेलीपैड परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है।


‘सहयोग कार्यक्रम’ पर विशेष जोर

सरकार ने जनता की शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए “सहयोग कार्यक्रम” का जिक्र किया।

मुख्यमंत्री ने कहा:

  • ऑनलाइन आवेदन के बाद 30 दिनों में समाधान अनिवार्य
  • 10 दिन में काम न होने पर स्वतः नोटिस
  • 21वें दिन दूसरा नोटिस
  • 31वें दिन अधिकारियों पर कार्रवाई

उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था “जनता को सशक्त करने” और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बनाई गई है।


भ्रष्टाचार पर सख्त रुख

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि जनता को बिना किसी मध्यस्थता के सीधे और समयबद्ध सेवाएं मिलें।


सरकार का दावा: ‘नया बिहार, निवेश और विकास की दिशा में आगे’

सरकार का कहना है कि यह पूरी योजना बिहार को औद्योगिक और आर्थिक रूप से मजबूत राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले वर्षों में निवेश, रोजगार और आधारभूत संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

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