भागलपुर में बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, 14 और 17 जून को 25 केंद्रों पर होगी परीक्षा

भागलपुर। बिहार पुलिस में नौकरी का सपना देख रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। 14 जून और 17 जून 2026 को आयोजित होने वाली इस परीक्षा के सफल, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। परीक्षा को लेकर सुरक्षा, निगरानी, यातायात व्यवस्था और अभ्यर्थियों की सुविधा से जुड़े सभी पहलुओं की गहन समीक्षा की गई है।

इसी क्रम में समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा संचालन से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों, दंडाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और अन्य संबंधित कर्मियों ने भाग लिया। प्रशासन की प्राथमिकता परीक्षा को पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है।

4236 पदों के लिए आयोजित हो रही है परीक्षा

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा राज्यभर में सिपाही भर्ती के लिए कुल 4236 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया चलाई जा रही है। इसी के तहत लिखित परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने विशेष तैयारी की है।

भागलपुर में परीक्षा के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में कुल 25 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर हजारों परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। प्रशासन का कहना है कि प्रत्येक केंद्र पर सुरक्षा और निगरानी की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कदाचार की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

दो दिनों में चार पालियों में होगी परीक्षा

जिला प्रशासन के अनुसार परीक्षा 14 जून और 17 जून को आयोजित की जाएगी। दोनों दिनों में परीक्षा दो-दो पालियों में संपन्न होगी।

पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। इस प्रकार कुल चार पालियों में परीक्षा संपन्न कराई जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से काफी पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है। समय पर केंद्र पहुंचने से प्रवेश प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सकेगी और अंतिम समय की भीड़भाड़ से भी बचा जा सकेगा।

निष्पक्ष परीक्षा के लिए कड़े निर्देश

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी परिस्थिति में परीक्षा की गोपनीयता से समझौता नहीं होना चाहिए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर तैनात अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और परीक्षा प्रक्रिया के प्रत्येक चरण पर सतर्क निगरानी बनाए रखें।

जिला प्रशासन का मानना है कि पारदर्शी परीक्षा प्रणाली ही योग्य उम्मीदवारों के चयन की सबसे मजबूत आधारशिला है। इसलिए परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था होगी चाक-चौबंद

परीक्षा के दौरान सुरक्षा को लेकर विशेष रणनीति तैयार की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।

इसके अतिरिक्त पूरे शहर को विभिन्न जोन में विभाजित कर जोनल दंडाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। साथ ही उड़नदस्ता दल का भी गठन किया गया है, जो लगातार विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध प्रयास की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सीसीटीवी, जैमर और सुरक्षा जांच की व्यवस्था

बैठक में परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा तकनीकी माध्यमों से नकल रोकने के लिए आवश्यक उपकरणों की भी व्यवस्था की गई है।

परीक्षार्थियों के प्रवेश से पहले उनकी पहचान का सत्यापन किया जाएगा। सुरक्षा जांच के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और सुरक्षित वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिले।

प्रतिबंधित सामग्री पर पूरी तरह रोक

परीक्षा केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। अभ्यर्थी मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार के संचार उपकरण अपने साथ नहीं ले जा सकेंगे।

इसके अलावा किसी भी प्रकार की पर्ची, नोट्स या अन्य प्रतिबंधित सामग्री लेकर परीक्षा केंद्र पहुंचने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ आयोग के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा से संबंधित दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और केवल अनुमत सामग्री के साथ ही परीक्षा केंद्र पर पहुंचें।

अभ्यर्थियों की सुविधा का भी रखा गया ध्यान

सिर्फ सुरक्षा ही नहीं बल्कि अभ्यर्थियों की सुविधाओं को लेकर भी प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। बैठक में पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सहायता और बैठने की व्यवस्था की समीक्षा की गई।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि परीक्षा केंद्रों पर किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा टीमों को भी अलर्ट रहने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

यातायात व्यवस्था पर भी विशेष फोकस

परीक्षा के दौरान शहर में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और उनके परिजनों के आने की संभावना है। इसे देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी विशेष योजना तैयार की गई है।

प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि परीक्षा के समय प्रमुख मार्गों पर यातायात नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था की जाए। इससे अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में सुविधा होगी और शहर में जाम की समस्या भी कम होगी।

सभी विभागों के बीच समन्वय पर जोर

बैठक में जिला पदाधिकारी ने कहा कि परीक्षा का सफल संचालन तभी संभव है जब सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को उनके दायित्वों की जानकारी देते हुए जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि परीक्षा केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। इसलिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं और किसी भी स्थिति में परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित न होने दें।

जिला प्रशासन का दावा है कि बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब प्रशासन की निगाह परीक्षा के शांतिपूर्ण, पारदर्शी और कदाचारमुक्त संचालन पर केंद्रित है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके और भर्ती प्रक्रिया पूरी विश्वसनीयता के साथ संपन्न हो।

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