
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से एक और कथित ढोंगी बाबा का पर्दाफाश हुआ है, जिसने अंधविश्वास और भय का माहौल बनाकर लोगों का आर्थिक और मानसिक शोषण किया। पुलिस ने खुद को ‘तलवार बाबा’ बताने वाले ज्ञानेश्वर करडे को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के जरिए लोगों को गुमराह कर ठगी करने के गंभीर आरोप हैं।
कैसे चलता था ‘दरबार’?
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले कई वर्षों से इलाके में अपना तथाकथित दरबार लगाता था। वह दावा करता था कि उसके पास दैवीय शक्तियां हैं और वह गंभीर बीमारियों, पारिवारिक समस्याओं और कथित बुरी शक्तियों से छुटकारा दिला सकता है।
दरबार के दौरान वह हाथ में तलवार लेकर लोगों के बीच बैठता था, जिससे वहां मौजूद लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों में डर का माहौल बन जाता था। इसी भय का फायदा उठाकर वह लोगों से पैसे और कीमती सामान वसूलता था।
नींबू और टोटकों से करता था ठगी
आरोप है कि आरोपी नींबू और अन्य तांत्रिक वस्तुओं का इस्तेमाल कर लोगों को अपने झांसे में फंसाता था। वह समस्याओं के समाधान का दावा करता और इसके बदले मोटी रकम मांगता था। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद पुलिस ने इस पूरे मामले की गहन जांच शुरू की।
छापेमारी और गिरफ्तारी
स्थानीय पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने योजना बनाकर आरोपी के ठिकाने पर छापा मारा। मौके से तंत्र-मंत्र से जुड़ी कई संदिग्ध सामग्री भी बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी के कुछ समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए मुख्य आरोपी समेत उसके सहयोगियों को हिरासत में ले लिया।
कानूनी कार्रवाई और अपील
पुलिस ने आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ महाराष्ट्र के जादूटोना विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
साथ ही, पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या झूठे दावों के झांसे में न आएं और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
समाज के लिए बड़ा संदेश
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि किस तरह अंधविश्वास के नाम पर भोले-भाले लोगों को निशाना बनाया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और सख्त कानून ही ऐसे मामलों पर लगाम लगा सकते हैं।


