भागलपुर / बांका, 18 जून 2025 — भागलपुर के जेएलएनएमसीएच (मायागंज अस्पताल) में इलाज के दौरान बांका जिले के बड़ी ढाका गांव निवासी ट्रक चालक बिक्कु कुमार (उम्र लगभग 30 वर्ष) की मौत हो गई। परिजनों ने आशंका जताई है कि बिक्कु को दोस्तों ने शराब में ज़हर मिलाकर पिलाया था, जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई और अंततः मौत हो गई।
घर से निकला था टहलने, लौटे तो हालत थी नाज़ुक
मृतक बिक्कु कुमार पेशे से ट्रक चालक था और अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य के रूप में ज़िम्मेदारी निभा रहा था। परिजनों के मुताबिक, वह कुछ दिन पहले ही ट्रक से लौटकर घर आया था। घटना वाली शाम वह टहलने के लिए खेत की ओर निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं आया। काफी देर बाद जब वह घर लौटा, तो उसकी हालत बेहद खराब थी — वह लड़खड़ा रहा था और बोलने में भी परेशानी हो रही थी।
अस्पताल में भर्ती, लेकिन नहीं बच सकी जान
बिक्कु की बिगड़ती हालत को देखकर परिजनों ने उसे भागलपुर के जेएलएनएमसीएच में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने जताई साजिश की आशंका
बिक्कु कुमार के परिजनों का आरोप है कि यह महज एक हादसा नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश हो सकती है। उनका कहना है कि बिक्कु के कुछ जान-पहचान के लोगों ने उसे शराब के बहाने बुलाया और उसमें ज़हर मिलाकर पिला दिया, जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी।
पुलिस जांच में जुटी, शव भेजा गया पोस्टमार्टम के लिए
मामले की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने प्राथमिक रूप से अप्राकृतिक मौत (UD) का मामला दर्ज किया है और संदिग्ध लोगों की पहचान व घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के प्रयास में जुटी है।
नजदीकी थाने के एक अधिकारी ने बताया, “शुरुआती जांच में परिजनों के आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच से ही ज़हर दिए जाने की पुष्टि हो सकेगी।”
बिक्कु कुमार की संदिग्ध मौत ने एक बार फिर दोस्ती और शराब के नाम पर होने वाले खतरे को उजागर किया है। यदि यह साजिश है तो दोषियों को सख्त सज़ा मिलनी चाहिए। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठ रही है।


