सुपौल | 25 जुलाई 2025 — सुपौल जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की मॉनिटरिंग को लेकर नियुक्त महिला पर्यवेक्षिकाओं (लेडी सुपरवाइजर) से रिश्वत लेने के आरोप में आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) शोभा सिन्हा और कार्यपालक सहायक चंदन कुमार को जिला पदाधिकारी सावन कुमार की निगरानी में गुरुवार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
घटना कलेक्ट्रेट परिसर स्थित आईसीडीएस कार्यालय की है, जहां डीएम द्वारा अचानक की गई छापेमारी में यह मामला सामने आया। करीब ढाई घंटे तक चली कार्रवाई के बाद दोनों आरोपितों को पुलिस हिरासत में ले लिया गया।
सात माह से बिना मानदेय, फिर रिश्वत की मांग
सूत्रों के अनुसार, पिछले सात महीने पहले 15 महिला सुपरवाइजरों की बहाली की गई थी, जो आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी का कार्य कर रही थीं। लेकिन इन नियुक्त पर्यवेक्षिकाओं को अब तक मानदेय नहीं दिया गया, वहीं उन पर सेवा बनाए रखने के लिए 25-25 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।
डीएम ने सीसीटीवी से रखी नजर, पकड़ी गई रिश्वत की तस्वीर
बुधवार को ही महिला पर्यवेक्षिकाओं को पैसे लेकर कार्यालय आने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अधिकतर नहीं पहुंच सकीं। गुरुवार को जैसे ही चार सुपरवाइजर रुपये लेकर कार्यालय पहुंचीं, डीएम सावन कुमार ने अपने कक्ष से सीसीटीवी फुटेज के जरिए गतिविधियों पर नजर रखी। लेन-देन होते देख वे तत्काल आईसीडीएस कार्यालय पहुंचे और छापेमारी की।
एसपी को बुलाया गया मौके पर
डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सरथ आरएस को भी बुलाया। एसपी के निर्देश पर महिला बल और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और डीपीओ शोभा सिन्हा एवं सहायक चंदन कुमार को हिरासत में ले लिया गया।
आगे की जांच जारी
पुलिस ने प्रारंभिक पूछताछ के बाद आवश्यक दस्तावेज जब्त किए हैं और यह आशंका जताई जा रही है कि मामले में अन्य कर्मियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। डीएम ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में शून्य सहिष्णुता नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।


