समस्तीपुर में जमीन विवाद ने लिया खूनी रूप: 10 इंच जमीन के लिए बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या, आक्रोश में सड़क जाम और आगजन

समस्तीपुर, 23 मार्च 2026: बिहार के समस्तीपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां महज कुछ इंच जमीन के विवाद ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। इस वारदात के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

खेत देखने गए बुजुर्ग पर घात लगाकर हमला

घटना हलई थाना क्षेत्र के जोरपुरा गांव की बताई जा रही है। मृतक की पहचान सुरेंद्र सहनी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वह अपने खेत की स्थिति देखने के लिए गए थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया।

प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने सुरेंद्र सहनी को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। हमला इतना क्रूर था कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे गांव में दहशत और शोक का माहौल फैल गया।

10 इंच जमीन बना मौत की वजह

परिजनों का कहना है कि यह पूरा विवाद महज 10 इंच जमीन को लेकर चल रहा था। मृतक की बेटी रीता देवी ने आरोप लगाया कि गांव के ही कुछ लोगों के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।

परिवार के अनुसार:

  • पहले भी कई बार इस मुद्दे पर झगड़ा और मारपीट हो चुकी थी
  • पंचायत स्तर पर समझौते की कोशिश की गई थी
  • जमीन की मापी भी कराई गई थी, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ
  • आरोपियों ने जबरन बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी थी

रीता देवी ने आरोप लगाया कि घटना के दिन आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से उनके पिता को अकेला पाकर हमला किया और उनकी हत्या कर दी।

आरोपियों पर गंभीर आरोप

परिजनों ने गांव के ही लाल सहनी, सीताराम सहनी, मनोहर सहनी और सियाराम सहनी को इस हत्या का जिम्मेदार ठहराया है। मृतक के बेटे नीतीश कुमार सहनी ने भी इसे साजिशन हत्या बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

घटना के बाद भड़का जनाक्रोश

हत्या की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण उग्र हो गए। आक्रोशित लोगों ने पटोरी-चकलालशाही रोड को जाम कर दिया और सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन के दौरान:

  • सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई
  • यातायात पूरी तरह ठप हो गया
  • पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई

लोगों का आरोप था कि घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस ने किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया।

पुलिस की कार्रवाई और आश्वासन

जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने की कोशिश शुरू की। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद किसी तरह लोगों को समझाकर जाम हटवाया गया।

पटोरी डीएसपी बीके मेधावी ने बताया कि मामला जमीन विवाद से जुड़ा है और पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी दोषियों को पकड़ने का आश्वासन दिया गया है।

बढ़ते भूमि विवाद पर सवाल

यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि छोटे-छोटे जमीन विवाद किस तरह बड़े अपराध का रूप ले रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में जमीन को लेकर बढ़ते तनाव और हिंसा समाज के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं।

निष्कर्ष

समस्तीपुर की यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि सामाजिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। अब देखना यह होगा कि पुलिस कितनी तेजी से आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाती है। फिलहाल, गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और लोग न्याय की मांग पर अड़े हैं।

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