
भागलपुर जिले के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले शहर सुल्तानगंज में नगर परिषद को नया प्रशासनिक नेतृत्व मिल गया है। नगर परिषद सुल्तानगंज के नए कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने आधिकारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। पद संभालते ही उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने और विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की तैयारियों को प्राथमिकता देने की बात कही। उनके पदभार ग्रहण के दौरान नगर परिषद कार्यालय में कर्मचारियों और अधिकारियों की मौजूदगी रही, जहां नए अधिकारी का स्वागत किया गया।
पदभार ग्रहण करने के बाद अभिषेक आनंद ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि नगर परिषद का सबसे पहला उद्देश्य शहर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाना होगा। उन्होंने कहा कि सुल्तानगंज धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु गंगाजल भरने पहुंचते हैं। ऐसे में शहर की सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और यातायात जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र के सभी वार्डों में नियमित सफाई अभियान चलाया जाएगा। कई जगहों पर कचरा उठाव और नालियों की सफाई को लेकर लोगों की शिकायतें मिलती रही हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया जाएगा। नए कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि सफाई व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके लिए संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
अभिषेक आनंद ने कहा कि श्रावणी मेला सुल्तानगंज की पहचान है और इस मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले कांवड़ियों को बेहतर सुविधाएं देना नगर परिषद की प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, अस्थायी शौचालय, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और मेडिकल सहायता जैसी व्यवस्थाओं को समय से पहले दुरुस्त किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि श्रावणी मेले के दौरान शहर में लोगों की संख्या अचानक कई गुना बढ़ जाती है, जिससे सफाई और ट्रैफिक प्रबंधन बड़ी चुनौती बन जाता है। इस चुनौती से निपटने के लिए नगर परिषद प्रशासन पहले से रणनीति तैयार करेगा। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सफाई कर्मियों और संसाधनों की भी व्यवस्था की जाएगी।
नए कार्यपालक पदाधिकारी ने यह भी संकेत दिया कि नगर परिषद की कार्यशैली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाएगा। आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनने और त्वरित समाधान की दिशा में काम होगा। उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों और नागरिकों के सहयोग की आवश्यकता है। बिना जनसहभागिता के किसी भी शहर का विकास संभव नहीं है।
सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान प्रधान सहायक राजीव रंजन चौधरी समेत कई कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने नए कार्यपालक पदाधिकारी का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में नगर परिषद की व्यवस्था और बेहतर होगी। कर्मचारियों ने भरोसा दिलाया कि शहर के विकास और प्रशासनिक कार्यों को सफल बनाने में पूरा सहयोग दिया जाएगा।
स्थानीय लोगों में भी नए कार्यपालक पदाधिकारी के आगमन को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि शहर में सफाई, जलजमाव और कचरा प्रबंधन जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। ऐसे में नए अधिकारी से उम्मीद है कि वे इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाएंगे। खासकर श्रावणी मेले से पहले शहर की स्थिति सुधारना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सुल्तानगंज हर साल श्रावण मास में लाखों शिवभक्तों का केंद्र बन जाता है। यहां उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर कांवड़िये देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए पैदल यात्रा शुरू करते हैं। इसी कारण श्रावणी मेले के दौरान सुल्तानगंज की व्यवस्थाओं पर पूरे राज्य की नजर रहती है। नगर परिषद की भूमिका इस दौरान बेहद अहम हो जाती है।
जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते सफाई और बुनियादी सुविधाओं पर काम शुरू कर दिया जाए तो इस बार श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सकता है। पिछले वर्षों में कई बार भीड़, गंदगी और अव्यवस्थित व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में नए कार्यपालक पदाधिकारी के सामने प्रशासनिक क्षमता साबित करने का बड़ा अवसर होगा।
अभिषेक आनंद ने यह भी कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। लोगों से अपील की जाएगी कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाएं और नगर परिषद के नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सिर्फ प्रशासन के प्रयासों से शहर पूरी तरह साफ नहीं हो सकता, इसके लिए नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।
नगर परिषद प्रशासन आने वाले दिनों में वार्ड स्तर पर निरीक्षण अभियान भी शुरू कर सकता है। इसके तहत विभिन्न इलाकों में सफाई, सड़क, जल निकासी और प्रकाश व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। जहां भी कमियां पाई जाएंगी, वहां त्वरित कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।
फिलहाल नए कार्यपालक पदाधिकारी के पदभार ग्रहण के बाद नगर परिषद में नई उम्मीदें जगी हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में प्रशासनिक स्तर पर क्या बदलाव दिखाई देते हैं और श्रावणी मेले से पहले शहर की व्यवस्थाएं किस हद तक सुधरती हैं।


