
पटना, बुजुर्गों के अधिकारों की सुरक्षा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से बिहार स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (BSLSA) ने राजधानी पटना में स्थित सहारा वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि वहां रह रहे वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को भी करीब से समझा।
की उच्चस्तरीय टीम ने गुलजारबाग स्थित का दौरा किया। निरीक्षण टीम में सदस्य सचिव, संयुक्त सचिव, रजिस्ट्रार और सहायक रजिस्ट्रार स्तर के अधिकारी शामिल थे।
बुजुर्गों से सीधा संवाद, समस्याओं की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान टीम ने वृद्धाश्रम में रह रहे करीब 100 बुजुर्गों से सीधे बातचीत की। इनमें 39 पुरुष और 61 महिलाएं शामिल थीं। अधिकारियों ने उनके रहन-सहन, स्वास्थ्य सुविधाओं, खानपान और अन्य आवश्यकताओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
15 दिनों में आधार लिंकिंग का लक्ष्य
टीम ने वृद्धाश्रम प्रबंधन को निर्देश दिया कि सभी वरिष्ठ नागरिकों को 15 दिनों के भीतर आधार कार्ड से जोड़ा जाए। इसके लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया है, ताकि कोई भी बुजुर्ग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए।
साथ ही, वृद्धा पेंशन, आयुष्मान भारत योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन जैसी योजनाओं से सभी को जोड़ने के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य और पोषण सुविधाओं में सुधार पर जोर
बीएसएलएसए ने वृद्धाश्रम में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान देने को कहा। अधिकारियों ने नियमित डॉक्टर विजिट सुनिश्चित करने, पोषण युक्त भोजन उपलब्ध कराने और मेडिकल सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए।
कानूनी सहायता और सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए नियमित लीगल एड कैंप आयोजित करने और एक स्थायी वकील की नियुक्ति करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा, बुजुर्गों की सुरक्षा, सम्मान और समग्र कल्याण सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करने को कहा गया।
यह पहल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे राज्य के बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके और उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।


