भागलपुर, 25 अक्टूबर 2025।छठ महापर्व को लेकर बिहार सरकार ने सुरक्षा और जनहित को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव की ओर से सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर यह निर्देश दिया गया है कि राज्य भर में कार्बाईड गन और अत्यधिक ध्वनि वाले पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
पत्र में कहा गया है कि विभिन्न माध्यमों से यह सूचना मिली है कि कुछ स्थानों पर लोहा, स्टील और पीवीसी पाइप में विस्फोटक पदार्थ भरकर अवैध कार्बाईड गन पटाखों का निर्माण और बिक्री की जा रही है। ऐसे पटाखों से अब तक कई दुर्घटनाएँ हुई हैं — कई बच्चों की आँखों की रौशनी चली गई है, जबकि कुछ लोगों के चेहरे और हाथ झुलसने की घटनाएँ भी सामने आई हैं।
पर्यावरण और सुरक्षा, दोनों पर खतरा
मुख्य सचिव ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि कार्बाईड गन न केवल मानव जीवन के लिए खतरनाक हैं बल्कि पर्यावरण पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। विस्फोट के दौरान उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण से घाटों पर पूजा-अर्चना में बाधा पहुँचती है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को भी खतरा रहता है।
छठ घाटों पर रहेगा कड़ा नियंत्रण
राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि छठ पर्व के दौरान किसी भी घाट पर कार्बाईड गन या किसी प्रकार के पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति नहीं होगी। पुलिस और जिला प्रशासन को निगरानी बढ़ाने, घाटों पर नियमित गश्ती और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
लोगों से की गई अपील
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे कार्बाईड गन या किसी भी प्रकार के पटाखों का उपयोग न करें और दूसरों को भी इसके दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक करें।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अवैध पटाखों के निर्माण या उपयोग पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


