भागलपुर में दीपावली से पहले पटाखों पर कड़ा रुख, नई पाबंदियां लागू

भागलपुर: बिहार में विधानसभा चुनाव की हलचल के बीच दीपावली की तैयारियां भी जोर पकड़ रही हैं। ऐसे में भागलपुर जिला प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पटाखों की बिक्री और उपयोग पर नई पाबंदियां लागू कर दी हैं।

डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने गृह विभाग के दिशा-निर्देशों के आधार पर एसडीओ और एसडीपीओ को सख्ती से आदेश दिया है कि त्योहार के दौरान शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसका मकसद भीड़भाड़ वाले इलाकों में आगजनी और दुर्घटनाओं को रोकना है।


नई पाबंदियों के प्रमुख बिंदु

  • लड़ी और सीरीज वाले पटाखे प्रतिबंधित: जो ज्यादा शोर करते हैं और वायु प्रदूषण फैलाते हैं, उनका निर्माण, बिक्री और उपयोग पूरी तरह बंद रहेगा।
  • सिर्फ हरित पटाखे की अनुमति: सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के अनुसार 125 डेसिबल से कम ध्वनि वाले ‘हरित पटाखे’ ही लाइसेंसधारी दुकानदारों द्वारा बेचे और फोड़े जा सकेंगे।
  • अस्थायी दुकानें मना: छोटी गलियों, बाजार या सार्वजनिक जगहों पर अस्थायी पटाखों की दुकानें नहीं लगाई जा सकती।
  • घरों में भंडारण पर रोक: घर में पटाखों का अनियंत्रित भंडारण करना प्रतिबंधित है।
  • कानूनी कार्रवाई: बिना लाइसेंस पटाखे बेचने या नियम तोड़ने पर जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है।

प्रशासन की तैयारी

  • जीएसटी विभाग ने दीपावली से पहले कई दुकानों पर छापे मारे और जब्त माल का मूल्यांकन किया।
  • सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे जिले में गश्त बढ़ा दी है।

इस कदम का मकसद है कि त्योहार सुरक्षित, शांत और आनंदमय तरीके से मनाया जा सके, और भागलपुरवासियों का अनुभव खुशहाल बने।


 

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