बिहार की राजनीति में हलचल! पहले वशिष्ठ नारायण सिंह से मिले नीतीश कुमार, फिर पहुंचे JDU कार्यालय; क्या होने वाला है बड़ा फैसला?

पटना: बिहार की राजनीति के बीच सोमवार को मुख्यमंत्री एवं जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार अचानक काफी सक्रिय नजर आए। उन्होंने पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह के आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इसके बाद सीधे जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। लगातार हुई इन बैठकों के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

वशिष्ठ नारायण सिंह से की मुलाकात

नीतीश कुमार सोमवार को अचानक वशिष्ठ नारायण सिंह के आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनका हालचाल और स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुलाकात के बाद वह बिना किसी औपचारिक बयान के वहां से निकल गए।

संगठन में नहीं मिली नई जिम्मेदारी

जेडीयू के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल वशिष्ठ नारायण सिंह को इस बार उम्र और स्वास्थ्य कारणों से संगठन में कोई नई जिम्मेदारी नहीं दी गई है। वह लंबे समय तक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राज्यसभा सांसद और बिहार सरकार में मंत्री जैसी अहम जिम्मेदारियां भी निभा चुके हैं। फिलहाल वह न तो किसी सदन के सदस्य हैं और न ही पार्टी संगठन में किसी पद पर हैं।

बेटे को टिकट नहीं मिलने से बढ़ी थी चर्चा

हाल ही में हुए बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान उनके बेटे सोनू सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया। इसी बीच पूर्व सांसद आनंद मोहन ने भी सार्वजनिक तौर पर कहा था कि वशिष्ठ नारायण सिंह की पार्टी में उपेक्षा हो रही है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई थीं।

ऐसे में माना जा रहा है कि नीतीश कुमार की यह मुलाकात वरिष्ठ नेता को भरोसा दिलाने और पार्टी के भीतर संभावित नाराजगी को दूर करने की कोशिश हो सकती है।

इसके बाद सीधे पहुंचे JDU कार्यालय

वशिष्ठ नारायण सिंह से मुलाकात के बाद नीतीश कुमार जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की तथा करीब 10 मिनट तक संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी ली। इसके बाद वह अपने सरकारी आवास लौट गए।

क्या किसी बड़े राजनीतिक फैसले की तैयारी?

एक ही दिन वरिष्ठ नेता से मुलाकात और फिर पार्टी कार्यालय पहुंचने के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि जेडीयू की ओर से इन बैठकों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में अब सबकी नजर आने वाले दिनों में पार्टी की रणनीति और संभावित फैसलों पर टिकी हुई है।

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