पटना। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) में विधायकों की कथित टूट को लेकर चल रही राजनीतिक अटकलों पर पार्टी विधायक माधव आनंद ने साफ बयान देकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर किसी प्रकार की नाराज़गी या मतभेद नहीं है और सभी विधायक पूरी मजबूती के साथ एकजुट हैं।
बिहार विधान मंडल के बजट सत्र के तीसरे दिन सदन पहुंचने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में माधव आनंद ने कहा कि विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि रालोमो एकजुट होकर बिहार के हित के मुद्दों पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य विकास और जनहित से जुड़े विषयों को आगे बढ़ाना है और आगे भी संगठन इसी दिशा में मजबूती से काम करता रहेगा।
मंत्री पद पर भी दिया स्पष्टीकरण
मंत्री पद को लेकर उठ रहे सवालों पर माधव आनंद ने कहा कि पार्टी के भीतर आपसी सहमति से निर्णय लिया गया था। दिलीप प्रकाश को मंत्री बनाए जाने का फैसला सर्वसम्मति से हुआ है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति की अपनी इच्छा हो सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी मंच पर सामूहिक रूप से लिया जाता है और सभी ने उसे स्वीकार किया है।
पटना का नाम पाटलिपुत्र करने का मुद्दा उठेगा सदन में
माधव आनंद ने पटना का नाम बदलकर पाटलिपुत्र किए जाने की चल रही चर्चा पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक और भावनात्मक विषय है तथा इस मुद्दे को वह सदन में उठाएंगे। उनके अनुसार, इससे जुड़ी जनभावनाओं और ऐतिहासिक महत्व पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने भरोसा जताया कि बजट सत्र के दौरान उनकी पार्टी जनहित से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभाएगी।


